सोने-चांदी की लगातार बढ़ती कीमतों से अक्षय तृतीया का मजा किरकिरा हो सकता है। कारोबारियों को आशंका है कि सोने-चांदी की बढ़ी कीमतें खरीदारों की संख्या कम न कर दें। कीमतों में लगातार उछाल के लिए सराफा व्यापारी सटोरियों को जिम्मेदार मान रहे हैं, जो अपना नफा-नुकसान देखते हुए सोने-चांदी की कीमत तय करते हैं।
पिछले कई वर्षों में अक्षय तृतीया पर ज्वैलरी खरीदने का प्रचलन तेजी से बढ़ा है, क्योंकि इस दिन सोना खरीदना शुभ माना जाता है, महिलाएं इस दिन का बेसब्री से इंतजार करती हैं। बस, इसी अवसर पर भुनाने के लिए शोरूमों में भी बड़े पैमाने पर तैयारी की गई है क्योंकि धनतेरस के बाद यही ऐसा मौका है जब ज्वैलरी शोरूमों में भीड़ की संभावना है।
पिछले वर्ष की अपेक्षा इस बार सोने-चांदी की कीमतों में ज्यादा उछाल है।
करीब एक माह में ही सोने की कीमत में लगभग 2500 रुपये प्रति दस ग्राम और चांदी के भाव में 3500-4000 प्रति किलोग्राम तक की तेजी आई है। मार्च के अंत और अप्रैल में शुद्ध सोना 25700 रुपये प्रति दस ग्राम और चांदी 36000-36500 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर थी, लेकिन वर्तमान में सोना 30000 रुपये और चांदी 40500 रुपये के स्तर पर पहुंच गई है। सराफा कारोबारी कुलदीप सोनी कहते हैं, वायदा कारोबार के कारण सोने-चांदी की कीमतें नियंत्रण के बाहर हैं। अगले कुछ दिनों में कीमतें और बढ़ सकती हैं।