आमदनी में इजाफे के लिए किसानों को तकनीकी खेती करनी चाहिए। इसके लिए उन्हें किसान पाठशाला में पहुंचकर कृषि विशेषज्ञों से जानकारियां सीखनी होंगी। यह बातें डीएम मनीष कुमार वर्मा ने मंगलवार को मूरतगंज के पैगंबर गांव में आयोजित पांच दिवसीय किसान पाठशाला का शुभारंभ करते हुए कहीं। बताया कि प्रदेश सरकार के निर्देश पर कृषि विभाग प्रत्येक न्याय पंचायतों के दो-दो गांवों में पाठशाला का आयोजन किया जा रहा है। कहा कि जानकारी के अभाव में किसान अपनी मेहनत की वाजिब कीमत नहीं वसूल पा रहे हैं।
तकनीकी जानकारी होने के बाद किसान कम लागत में अधिक मुनाफा कमा सकेंगे। पाठशाला में किसानों को फसल चक्र, मृदा स्वास्थ्य के संरक्षण, फसलोत्पादन, खाद्यान्न फसलों की उन्नति, कृषि के साथ ही साथ उद्यान, पशुपालन, मत्स्य पालन, कुक्कुट पालन, गन्ना की खेती, विपणन, खाद्य प्रसंस्करण स्टोरेज और मूल्य संवर्धन के बारे में कृषि वैज्ञानिक विस्तृत जानकारी देंगे। उप निदेशक कृषि ने किसानों के हित में चलाई जा रही योजनाओं के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम में कृषि विभाग के साथ ही संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी भी मौजूद रहे।