सीबीएसई की तर्ज पर अब यूपी बोर्ड भी मूल्यांकन में गड़बड़ी करने वाले परीक्षकों पर जुर्माना लगाएगा। ग्रीवांस सेल को मिली शिकायतों और सरकार के निर्देश पर बोर्ड ने यह निर्णय लिया है।
नई व्यवस्था लागू होते ही बोर्ड ने 2019 की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में गड़बड़ी करने वाले दस परीक्षकों पर जुर्माना भी लगा दिया है। साथ ही बोर्ड ने इनको अगले पांच वर्ष के लिए मूल्यांकन कार्य से डिबार भी कर दिया है।
यूपी बोर्ड सचिव नीना श्रीवास्तव ने बताया कि मूल्यांकन में गड़बड़ी करने के छह मामलों में लगभग 10 परीक्षकों को दंडित किया गया है। पांच परीक्षकों पर 20-20 हजार रुपये, जबकि पांच पर दस-दस हजार का जुर्माना लगा है।
साथ ही बोर्ड ने इन परीक्षकों को पांच साल के लिए डिबार करते हुए उनके डिप्टी हेड एक्जामिनर (डीएचई) के खिलाफ कार्रवाई का संकेत भी दिया है।
इस संबंध में क्षेत्रीय कार्यालय के अपर सचिव शिव प्रकाश द्विवेदी ने बताया कि ग्रीवांस सेल में आई शिकायत के बाद दोबारा मूल्यांकन में एक परीक्षार्थी के अंक इतने बढ़ गए कि वह मेरिट में शामिल हो गया। इसके बाद बोर्ड को सख्त कदम उठाना पड़ा। यह व्यवस्था 2020 की परीक्षा के मूल्यांकन से अनवरत लागू रहेगी।
बोर्ड की सख्ती के बाद अब माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षक मूल्यांकन से बचेंगे। ऐसे में बोर्ड की ओर से मूल्यांकन से भागने वाले शिक्षकों को भी चिह्नित करने का फैसला किया गया है। यूपी बोर्ड अब सीबीएसई की तर्ज पर गलती करने वाले परीक्षकों की रिपोर्ट उनके प्रबंधन एवं जिला विद्यालय निरीक्षक के पास भी भेजेगा।