यमुनापार के लालापुर इलाके में बुधवार दोपहर कौशाम्बी में एक रिश्तेदार के अंतिम संस्कार के बाद घर लौट रहे तीन सगे भाई समेत चार लोग तैरकर यमुना नदी पार करने की कोशिश में डूबने लगे। मछुआरों ने देखा तो तीन लोगों को बचाया लिया लेकिन एक व्यक्ति गहरे पानी में डूब गया। उसका पता नहीं चल सका। ग्रामीणों में आक्रोश देख बारा के विधायक ने भी गोताखोरों को नहीं भेजने पर नाराजगी जताई।
लालापुर में कोठरी बगीचा गांव निवासी रामहित की बुआ का परिवार कौशाम्बी के तिल्हापुर में रहता है। बुआ की बहू का निधन होने पर बुधवार सुबह रामहित अपने भाइयों छेदीलाल, रामपाल और भतीजे संतलाल के साथ अंत्येष्टि में शामिल होने के लिए यमुनापार कर तिल्हापुर गया। सुबह वे एक नाव पर बैठकर गए थे। दोपहर में वे घर के लिए रवाना हुए तो नाव नहीं मिली। ऐसे में उन्होंने तैरकर यमुना पार करने का फैसला किया। उन्होंने सोचा कि पानी कम है इसलिए कोई खतरा भी नहीं है। मगर वे बीच यमुना में पहुंचे तो रामहित डूबने लगा जबकि बाकी दोनों भाई और भतीजा आगे निकल गए। रामपाल को डूबता-उतराता देख उन तीनों ने आकर उसे बचाने की कोशिश की तो वे भी डूबने लगे। वे चीखने लगे तो कुछ दूर पर मौजूद मछुआरों को पता चला। मछुआरों ने वहां आकर उन्हें बचाने की कोशिश शुरू की। छेदीलाल, रामपाल और संतलाल को यमुना से नाव पर खींच लिया लेकिन रामपाल डूब गया। पता चला तो और भी मछुआरों ने आकर रामपाल की खोजबीन की लेकिन वह यमुना के गहरे पानी में नहीं मिला। खबर पाकर पुलिस के साथ ही विधायक बारा डॉ.अजय कुमार भी पहुंच गए। कई बार कहने के बावजूद शहर से गोताखोर नहीं आने से परिवार के लोग आक्रोशित हो गए। विधायक ने कहा कि अगर सुबह तक रामहित नहीं मिलता है तो जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव किया जाएगा। उधर, इस घटना से खेती करने वाले रामहित के घर में कोहराम मचा। उसके परिवार में पत्नी, तीन बेटियां और दो बेटे हैं। सब अनहोनी से गम में डूबे हैं।