तेज धूप और हीटवेव ने आम जनजीवन प्रभावित कर दिया है जिससे संक्रमण व बीमारियां तेजी से पांव पसार रही है। सोमवार को कौड़िहार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों की भीड़ लगी रही। इनमें त्वचा रोग, खांसी-जुकाम के मरीज रहे।
पिछले दिनों आई आंधी और बारिश के साथ ओलावृष्टि ने थोड़ी राहत जरूर दी थी लेकिन बीते तीन दिन से मौसम का मिजाज तल्ख हो गया।
डॉक्टरों के मुताबिक, इस मौसम में थोड़ी सी भी असावधानी सेहत को बड़ा नुकसान पहुंचा सकती है। खासतौर से त्वचा रोगियों के लिए यह धूप खतरनाक साबित हो रही है।
कौड़िहार सीएचसी में सोमवार को ओपीडी के बाहर मरीजों की कतार लगी रही। डॉक्टरों का कहना है कि हीटवेव के कुप्रभाव से बचने के लिए केवल दवाएं काफी नहीं हैं, बल्कि सावधानी सबसे ज्यादा जरूरी है। संवाद
इन बातों का रखें विशेष ध्यान
- प्यास न लगने पर भी दस-दस मिनट में पानी पीते रहें, ताकि शरीर में हाइड्रेशन बना रहे।
- बाजार में पेय पदार्थ से बचें, ओआरएस घोल, छाछ, मट्ठा, नींबू पानी का इस्तेमाल करें।
- मसालेदार और तैलीय व्यंजनों से बचें। हल्का और सुपाच्य भोजन ही शरीर के लिए बेहतर है।
- धूप में निकलते समय हमेशा हल्के रंग के सूती कपड़ों का इस्तेमाल करें।
- बहुत जरूरी होने पर ही दोपहर में बाहर निकलें। निकलते समय सिर को गमछे या दुपट्टे से जरूर ढंकें।
- धूप की तीव्रता को देखते हुए अस्पताल में ओआरएस काउंटर और जरूरी दवाओं के पर्याप्त व्यवस्था है। हीटवेव की चपेट में आने से बचने के लिए देसी नुस्खों और एहतियात को प्राथमिकता दें। लापरवाही बरतने पर त्वचा व पेट के रोग गंभीर रूप ले सकते हैं। - डॉ. अमरेश वर्मा, अधीक्षक, सीएचसी कौड़िहार।