पहले भी सामने आए इस तरह के मामले
पालिकरनपुर निवासी शुकरू के साथ हुई घटना केवल एक व्यक्ति की व्यथा नहीं है, बल्कि उस व्यवस्था पर सवाल है जहां गरीब और बुजुर्ग अपने हक के लिए खुद को जिंदा साबित करने के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं। पहले भी इस तरह के कई मामले सामने आए हैं लेकिन सिस्टम है कि सुधरने का नाम नहीं ले रहा है। भला हो उस ग्रामीण युवक धीरज यादव का जो बुजुर्ग शुकरू की व्यथा सुनकर उसकी मदद के लिए आगे आया और उसे डीएम की जनसुनवाई में सोमवार को साथ लेकर आया।
बैंक खाते में जमा मिले करीब चार लाख रुपये
जांच में सामने आया कि शुकरू के बैंक खाते में करीब चार लाख रुपये जमा हैं। अफसरों ने इसे आधार बनाकर पेंशन रोकने की वकालत की लेकिन जब डीएम ने सच्चाई पूछी तो शुकरू ने बताया कि अपनी पोती की शादी के लिए उन्होंने जमीन बेचकर यह पैसा जमा किया है। डीएम ने उनके हालात को समझते हुए पेंशन बहाल कराने का आदेश दिया। उधर, निलंबित सचिव ने कहा है कि उन्हें गलत जानकारी देकर गुमराह किया गया था।
क्या बोले अधिकारी
डीएम के निर्देश पर मामले की जांच की गई। इसमें ग्राम पंचायत सचिव की लापरवाही सामने आने पर उसे डीपीआरओ ने निलंबित कर दिया है। मामले की विभागीय जांच एडीओ समाज कल्याण को सौंपी गई है। -गोपाल कुशवाहा, जिला विकास अधिकारी
सहायक विकास अधिकारी के खिलाफ भी होगी अनुशासनात्मक कार्रवाई
वृद्धावस्था पेंशनरों की सूची का सही ढंग से सत्यापन न करने व कार्य में लापरवाही बरतने पर संबंधित ग्राम पंचायत अधिकारी को निलंबित किया गया है। साथ ही तत्कालीन सहायक विकास अधिकारी समाज कल्याण अखिलेश यादव के खिलाफ कार्य में शिथिलता बरतने के कारण अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। - मनीष कुमार वर्मा, डीएम