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Prayagraj : डीएम की जनसुनवाई में वृद्ध बोला- साहब मैं जिंदा हूं, देखिए आपके सामने खड़ा हूं, सेक्रेटरी निलंबित

Wed, 03 Sep 2025 04:13 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

Prayagraj News : जिलाधिकारी की जनसुनवाई में उस समय खलबली मच गई जब एक वृद्ध ने डीएम के सामने पहुंचकर कहा कि साहब हम जिंदा हैं, देख लीजिए आपके सामने खड़े हैं। कागजों में मुझे मृत दिखा दिया गया है, जिससे मेरी पेंशन बंद हो गई है। प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर डीएम ने ग्राम पंचायत सचिव को निलंबित कर दिया है। 
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डीएम की जनसुनवाई में अपने को जिंदा साबित करने के लिए पहुंचे शुकुरू। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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साहब! हम गरीब और लाचार हैं। वृद्धा पेंशन ही जीवन का सहारा था लेकिन कागजों में मुझे मृत दिखा दिया गया। इसके बाद पेंशन भी बंद हो गई। देखिए आपके सामने जिंदा खड़ा हूं। जिलाधिकारी की जनसुनवाई में पहुंचे बहादुरपुर विकास खंड के पालिकरनपुर गांव के बुजुर्ग शुकरू ने नम आंखों से अपनी बेबसी का इजहार किया। इस पर डीएम ने डीपीआरओ को जांच और कार्रवाई का आदेश दिया। मामले में प्रथमदृष्टया दोषी पाई गई ग्राम पंचायत सचिव रंजना यादव को निलंबित कर दिया गया है।

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पीड़ित शुकरू ने बताया कि उसका एक बेटा राम संजीवन है जो बीमार रहता है जबकि बेटी की शादी हो चुकी है। अब नातिन की शादी के लिए जमीन बेचकर कुछ पैसा इकट्ठा किया है लेकिन ग्राम पंचायत सचिव ने पेंशन बंद कराकर उसके अरमानों पर पानी फेर दिया। डीएम मनीष कुमार वर्मा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच और कार्रवाई के आदेश दिए। उन्होंने जिला विकास अधिकारी से कहा कि ऐसे कई प्रकरण संज्ञान में आ चुके हैं कि पंचायत चुनाव की रंजिश में पेंशन बंद करवा दी गई है। इसकी सत्यता की जांच करा लें।

वृद्धावस्था पेंशनरों की सूची का सही ढंग से सत्यापन न करने और कार्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। डीएम के निर्देश पर की गई जांच में प्रथमदृष्टया ग्राम पंचायत सचिव रंजना यादव की लापरवाही सामने आई। पाया गया कि बिना ठीक से सत्यापन किए ही उन्होंने शुकरू को मृत घोषित कर रिपोर्ट भेज दी। मामले में डीएम के निर्देश पर डीपीआरओ ने सचिव रंजना यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

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पहले भी सामने आए इस तरह के मामले

पालिकरनपुर निवासी शुकरू के साथ हुई घटना केवल एक व्यक्ति की व्यथा नहीं है, बल्कि उस व्यवस्था पर सवाल है जहां गरीब और बुजुर्ग अपने हक के लिए खुद को जिंदा साबित करने के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं। पहले भी इस तरह के कई मामले सामने आए हैं लेकिन सिस्टम है कि सुधरने का नाम नहीं ले रहा है। भला हो उस ग्रामीण युवक धीरज यादव का जो बुजुर्ग शुकरू की व्यथा सुनकर उसकी मदद के लिए आगे आया और उसे डीएम की जनसुनवाई में सोमवार को साथ लेकर आया।

बैंक खाते में जमा मिले करीब चार लाख रुपये

जांच में सामने आया कि शुकरू के बैंक खाते में करीब चार लाख रुपये जमा हैं। अफसरों ने इसे आधार बनाकर पेंशन रोकने की वकालत की लेकिन जब डीएम ने सच्चाई पूछी तो शुकरू ने बताया कि अपनी पोती की शादी के लिए उन्होंने जमीन बेचकर यह पैसा जमा किया है। डीएम ने उनके हालात को समझते हुए पेंशन बहाल कराने का आदेश दिया। उधर, निलंबित सचिव ने कहा है कि उन्हें गलत जानकारी देकर गुमराह किया गया था।
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क्या बोले अधिकारी

डीएम के निर्देश पर मामले की जांच की गई। इसमें ग्राम पंचायत सचिव की लापरवाही सामने आने पर उसे डीपीआरओ ने निलंबित कर दिया है। मामले की विभागीय जांच एडीओ समाज कल्याण को सौंपी गई है। -गोपाल कुशवाहा, जिला विकास अधिकारी

सहायक विकास अधिकारी के खिलाफ भी होगी अनुशासनात्मक कार्रवाई

वृद्धावस्था पेंशनरों की सूची का सही ढंग से सत्यापन न करने व कार्य में लापरवाही बरतने पर संबंधित ग्राम पंचायत अधिकारी को निलंबित किया गया है। साथ ही तत्कालीन सहायक विकास अधिकारी समाज कल्याण अखिलेश यादव के खिलाफ कार्य में शिथिलता बरतने के कारण अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। - मनीष कुमार वर्मा, डीएम
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