इनको मिली जमानत
जयदेव, राजेंद्र, पप्पू, तेजवीर सिंह, बन्नो, जीतू उर्फ जीतीराम, कुंवर पाल, कल्लो, श्यामवीर, लीलाधर, भूपेंद्र, सत्तो, महेश, नाहर सिंह, रामवीर, सरेंद्र, रामजीत, निरंजन, हरभान, पूरण सिंह, देवी सिंह, उम्मेदी, विज्जो, रामजीत, महेंद्र सिंह, संतो उर्फ संतराम, सुजान, सूडान उर्फ सौदान, महताब, दंगल, रज्जो उर्फ राजू और संपत को हाईकोर्ट से जमानत मिली है।
यह है मामला
1990 में आगरा के सिकंदरा थाना क्षेत्र के पनवारी गांव में बेटी की शादी के दौरान कुछ लोगों ने बरात चढ़ाने का विरोध किया। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ता गया। गोलीबारी में सोनी राम जाट की मौत हो गई थी। इससे आगरा में गांव से शहर तक हिंसा भड़क उठी थी। अकोला के पास ऊदल गांव में कई परिवारों पर एक समाज के लोगों ने हमला कर दिया था। कागारौल की पुलिस ने बलवा, जानलेवा हमला, तोड़फोड़, आगजनी, सरकारी कार्य में बाधा, एससी/एसटी एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। न्यायालय ने 32 लोगों को दोषी ठहराया था।