बुधवार को लगातार छठवें दिन गर्मी का कहर बड़ों संग बच्चों की परेशानी का बना रहा। आसमान से बरसती आग से हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ गया है। दोपहर बाद करीब तीन घंटे सड़कों पर कम लोग निकले। बाजारों में भी चहल पहल कम रही। स्कूलों की छुट्टी होने के बाद घर जाने को निकले बच्चे चिलचिलाती गर्मी से व्याकुल दिखे। धूप और लू लगने से बीमार हुए लोगों की अस्पतालों में भीड़ जुटी रही। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक हीट वेव जारी रहेगी। धूल भरी आंधी और बारिश के आसार हैं। इस बीच फेनी का असर पड़ा तो पांच मई तक गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है। वहीं देर रात बादलों की धमाचकौड़ी शुरू हो गई।
गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद बांधे लोगों को सुबह कड़ी धूप देखकर निराशा हुई। सूरज का आग का गोला बना था और धूप संग गर्म हवाएं त्वचा और चेहरे पर चुभ रही थीं। बुधवार को मामूली बढ़त के साथ अधिकतम तापमान 46.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं न्यूनतम तापमान भी छलांग लगाकर 26.1 डिग्री सेल्सियस से 27 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। वातावरण में नमी का स्तर भी लगातार गोता लगा रहा है। आर्द्रता 44/9 के सापेक्ष 35/9 फीसदी मापी गई। मौसम के जानकारों के मुताबिक इस कारण गर्मी ज्यादा सता रही है। रात में भी तपन बनी रहती है।
बुधवार को हीट स्ट्रोक का शिकार हुए पांच लोग एसआरएन अस्पताल पहुंचे। डॉक्टरों ने उन्हें दो घंटे रोका और आराम करने की सलाह दी। दिन में करीब 1.30 बजे नवाब यूसुफ रोड पर बस अड्डे के निकास द्वार पर बस खराब होने से लगे जाम में फंसे लोग परेशान हुए। यहीं एक दोपहिया वाहन सवार चक्कर खाकर गिर पड़ा। लोगों ने उन्हें उठाया और मुंह पर पानी के छींटे मारकर राहत पहुंचाई। अस्पतालों की ओपीडी में उल्टी-दस्त, सिर का भारी होना, चक्कर आना, मुंह सूखने की शिकायत लेकर पहुंचने वालों की भरमार रही। लोगों ने बताया कि मुंह सूख रहा है और शरीर में जलन है, जबकि उन्हें बुखार नहीं था।
मौसम विज्ञानी प्रो. एचएन मिश्रा के मुताबिक तापक्रम बढ़ना अच्छे मानसून का संकेत हैं। एक बार मौसम करवट ले सकता है। जिस तरह तापमान बढ़ रहा है, आंधी-बारिश के आसार हैं। इस बीच फेनी का कुछ असर आया तो बादल छाएंगे, जिससे रात की तपिश से फौरी राहत मिल सकती है।