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नए साल में नया नजर आएगा सिविल लाइंस

Sat, 29 Aug 2015 01:43 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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इलाहाबाद(ब्यूरो)। इलाहाबाद को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने के लिए केंद्र सरकार ने अभी हरी झंडी भले न दी हो लेकिन इलाहाबाद विकास प्राधिकरण (एडीए) ने शहर के दिल कहे जाने वाले सिविल लाइंस की तस्वीर बदलने की तैयारी कर ली है। इसके साथ शहर की पहचान चंद्रशेखर आजाद पार्क और हाथी पार्क को नया रूप देने का काम तेजी से जारी है। यह सभी काम नए वर्ष की शुरूआत में पूरे भी हो जाएंगे। इन कामों पर 56.64 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं।
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एडीए पहले चरण में सिविल लाइंस में महात्मा गांधी मार्ग पर पत्थर गिरजाघर से हनुमान मंदिर चौराहा तक के हिस्से को नया रूप देने जा रहा है। लखनऊ के हजरतगंज की तर्ज पर इसे विकसित करने के लिए डिजाइन भी उसी आर्किटेक्ट से तैयार कराई गई है, जिसने हजरतगंज की डिजाइन बनाई थी। इसके तहत सड़क को दुरुस्त करने के साथ फुटपाथ, पाथ-वे, फुटपाथ पर जगह-जगह गाड़ी करने का इंतजाम, टॉयलेट, पुलिस चौकी, बिजली के तारों को भूमिगत करना, फुटपाथ पर लोगों के लिए बेंच एवं स्ट्रीट लाइटें इटेलियन डिजाइन की, एमफी थियेटर, फौव्वारा आदि का काम होगा। 30 करोड़ रुपये की इस योजना के लिए एडीए ने टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर ली है। उपाध्यक्ष अजय कुमार सिंह के मुताबिक सितंबर में काम भी शुरू हो जाएगा।

इसी तरह चंद्रशेखर आजाद पार्क को नया रूप देने के लिए शासन ने एडीए को 22.14 करोड़ रुपये दिए हैं। इस रकम से यहां झील बनाने के साथ सड़क, जॉगिंग ट्रैक, पुलिस चौकी, टॉयलेट, बच्चों के लिए झूले, म्यूजिकल फाउंटेन, ओपेन एयर थियेटर, कमला नेहरू रोड पर दोनों मुख्य गेटों को नया रूप देने का काम हो रहा है। आजाद पार्क के सामने स्थित हाथी पार्क को भी 4.50 करोड़ रुपये की लागत से संवारा जा रहा है। यहां पार्क को दो तरफ से दीवार से घेरा जा रहा है। पुरानी झील को नया रूप देने के साथ अंदर आकर्षक लाइटें, झूले आदि का काम तेजी से जारी है। एडीए उपाध्यक्ष अजय सिंह का कहना है कि जनवरी 2016 में दोनों पार्क तैयार हो जाएंगे।
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