इलाहाबाद। संगम नोज पर मंगलवार शाम बांदा के एक हलवाई पर भूत का साया उतारने के नाम पर दो तांत्रिक जंजीर से बांधकर उसकी धुनाई कर रहे थे। हलवाई का पूरा परिवार तमाशबीन बनकर अंधविश्वास भरे इस खेल को देख रहा था। यह देख संगम नोज पर पहुंचे दूसरे श्रद्धालुओं के रोंगटे खड़े हो गए। किसी ने इसकी खबर कंट्रोल रूम को दे दी। सूचना पर इंस्पेक्टर दारागंज विनोद कुमार सिंह, संगम चौकी प्रभारी उमेश कुमार सिंह पहुंचे और तांत्रिकों को दबोच लिया।
इंस्पेक्टर वीके सिंह ने बताया कि बांदा जिले के जिरवा इलाके के सहेवा गांव का राम गोपाल हलवाई है। पिछले कुछ दिनों से उसकी तबीयत ठीक नहीं चल रही थी। राम गोपाल के साथ ही बच्चों को भी यही परेशानी थी। राम गोपाल का सिर भारी रहता और पूरे शरीर में दर्द रहता था। इसकी जानकारी भूत झाड़ने वाले उनके दो रिश्तेदारों सदासुख और मुन्ना कुमार को हुई, जो बांदा में कोतवाली इलाके के दोहा गांव में रहते हैं। दोनों ने राम गोपाल को बताया कि उन पर भूत का साया मंडरा रहा है। इसके लिए कुछ उपाय की सलाह दी।
राम गोपाल अपने छोटे भाई, उनकी बहुओं और अपने परिवार के साथ शाम को संगम तट पर पहुंचा। सदासुख और मुन्ना ने राम गोपाल को संगम नोज पर जंजीर से बांध दिया और उसकी पिटाई करने लगे। घरवाले इस उम्मीद में रामगोपाल को पिटते देख रहे थे कि शायद अब भूत का साया हट जाए। तभी दारागंज पुलिस पहुंची गई। इंस्पेक्टर दारागंज वीके सिंह ने बताया कि रामगोपाल की तहरीर पर सदासुख और मुन्ना के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया है।
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धोखेबाज ओझा बने थे भगवान
रामगोपाल को तांत्रिकों ने इस कदर अपने जाल में फंसा रखा था कि उसके लिए वे भगवान बन गए थे। दोनों को जब पुलिस ने पकड़ा तो राम गोपाल ने पुलिस वालों के पैर पकड़ लिए। उसने कहा कि यह तो उनकी मदद कर रहे हैं लेकिन पुलिस के समझाने के बाद रामगोपाल रिपोर्ट लिखाने को राजी हो गया।