निदेशक ने उस अभ्यावेदन को शासन के समक्ष भेज दिया था, लेकिन शासन ने इस पर अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया है। शासन ने मुख्य सेविकाओं के2693 पदों पर भर्ती केलिए आवेदन निकाला है। उसमें 126 पदों पर बतौर मुख्य सेविका काम कर रही याचियों के पद भी शामिल हैं।
याचियों ने इसे आधार बनाते हुए हाईकोर्ट से अपने नियमितीकरण की मांग की थी। अपर महाधिवक्ता नीरज त्रिपाठी ने कोर्ट को बताया कि याचियों के अभ्यावेदन को शासन ने निरस्त कर दिया है। क्योंकि, वे नियमितीकरण नियम-2016 के मानदंडों को पूरा नहीं कर रहीं हैं। इस संबंध में याचियों को सूचित भी कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि याचियों की ओर से भर्ती प्रक्रिया को चुनौती नहीं दी गई है। केवल अपने नियमितीकरण की मांग की गई है।