सरकार की तरफ से एकल जज के आदेश के खिलाफ दाखिल विशेष अपील पर बहस करते हुए अपर मुख्य स्थायी अधिवक्ता रामानंद पांडेय का कहना था कि याची शिक्षक की नियुक्ति को निदेशक बेसिक शिक्षा ने 28 सितंबर 2005 को ही आदेश पारित कर अवैध माना था।
कहा गया था कि याची ने इस आदेश को चुनौती नहीं दी है, बल्कि निदेशक द्वारा हाईकोर्ट के आदेश के क्रम में याची के प्रत्यावेदन पर निर्णय लेते समय दोबारा उसकी वेतन भुगतान की मांग को खारिज कर दिए जाने के आदेश को चुनौती दी थी। चीफ जस्टिस की बेंच ने सरकार की अपील पर उठाए गए मुद्दे को सही पाते हुए एकल जज के आदेश पर रोक लगा दी।