कुंभ मेला के पूर्व दारागंज स्थित टर्मिनल के रूप में विकसित हुए प्रयागराज संगम ( प्रयाग घाट) रेलवे स्टेशन पर अब यात्रियों को मौसम की मार नहीं झेलनी होगी। यहां पांचो प्लेट फॉर्म पर रेलवे ने शेड लगाने का निर्णय लिया है। इसके अलावा यहां रिटायरिंग रूम और डॉरमेट्री का निर्माण भी इस वर्ष के अंत तक हो जाएगा। 2019 में लगे कुंभ मेले के पूर्व ही उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के अधीन आने वाले प्रयागराज संगम रेलवे स्टेशन को टर्मिनल के रूप में विकसित किया गया।
95 करोड़ रुपए की लागत से बने इस स्टेशन पर कुल 5 प्लेटफार्म के साथ वाशिंग लाइन एवं स्टेशन बिल्डिंग आदि का निर्माण किया गया। इतना ही नहीं प्रयाग जंक्शन से चलने वाली सभी ट्रेनें भी प्रयागराज संगम में शिफ्ट कर दी गई। मौजूदा समय यहां से गंगा गोमती, नौचंदी, हरिद्वार एक्सप्रेस समेत 17 जोड़ी ट्रेनों का संचालन होता है लेकिन लॉकडाउन लगने के बाद से यहां ट्रेन संचालन बंद है। रेलवे द्वारा इस स्टेशन को टर्मिनल के रुप में विकसित करने के बाद यात्रियों को यहां सबसे ज्यादा परेशानी किसी भी प्लेटफार्म पर शेड ना होने की वजह से हो रही थी।
पांचों ही प्लेटफार्म पर शेड लगाने की तैयारी
दरअसल रेलवे ने यहां पांचों ही प्लेटफार्म को पूर्ण रूप से शेड द्वारा कवर नहीं किया गया। इस वजह से यहां आने वाले यात्रियों को गर्मी के दौरान जहां तेज धूप झेलनी पड़ती थी तो वही जाड़ों में सर्द हवाओं के थपेड़े भी उन्हें सहने पड़ते। 17 जोड़ी ट्रेनों की प्रयागराज संगम रेलवे स्टेशन से शुरुआत होने की वजह से बारिश के दिनों में भी यात्री भीगते भीगते ही ट्रेनों में बैठते। यात्रियों की समस्या को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने अब यहां पर पांचों ही प्लेटफार्म पर शेड लगाने की तैयारी की है।
अभी यहां पर फॉर्म के बहुत थोड़े हिस्से में ही शेड उपलब्ध है। रेलवे अफसरों का कहना है कि अब जल्द ही शुरू किया जाएगा। इसके अलावा प्रयागराज संगम रेलवे स्टेशन पर यात्री सुविधा के मद्देनजर इस वर्ष के अंत तक रिटायरिंग रूम का निर्माण कार्य भी पूरा हो जाएगा। यहां यात्रियों के लिए डॉरमेट्री की भी सुविधा होगी। स्टेशन मैनेजर अवधेश मणि पाठक ने बताया कि लॉक डाउन की वजह से डोर मेट्री और रिटायरिंग रूम निर्माण का काम थोड़ा धीमा हुआ लेकिन अब इस कार्य में तेजी पकड़ ली है ।