प्रतिबंधित मांस बरामदगी मामले में
अभियुक्त की जमानत अर्जी खारिज
प्रयागराज। जिला न्यायालय ने प्रतिबंधित मांस बरामदगी के मामले में गिरफ्तार अटाला के मोहम्मद शफीक की जमानत अर्जी खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि प्रथम दृष्टया अपराध में संलिप्तता नजर आ रही है। लिहाजा जमानत दिए जाने योग्य नहीं है। यह आदेश जिला जज नलिन कुमार श्रीवास्तव ने जिला शासकीय अधिवक्ता गुलाब चंद्र अग्रहरि को सुनकर दिया है।
अभियोजन के मुताबिक उप निरीक्षक तरुणेंद्र त्रिपाठी नौ जनवरी को गश्त पर निकले थे। खुल्दाबाद थाने के अटाला इलाके में मुखबिर की सूचना के मुताबिक मोहम्मद रफीक के घर के बाहर हाते में दबिश दी गई। वहां छह लोग मांस काटते हुए दिखाई दिए। पुलिस ने मौके पर तीन लोगों को पकड़ लिया जबकि तीन लोग भाग गए। पकड़े गए लोगों में मोहम्मद रफीक, मोहम्मद सईद और रईस अहमद को गिफ्तार कर लिया गया। तीनों के हाथ से एक-एक छुरी बरामद की गई। मौके पर प्रतिबंधित गोवंशीय मांस बरामद हुआ। पकड़े गए लोगों से पशु वध का लाइसेंस मांगा गया, जिसे वे दिखाने में नाकाम रहे। पूछने पर बताया कि मांस को बेचने के उद्देश्य से काटा गया है। वे मांस का व्यापार करते हैं। मामले में छह लोगों के खिलाफ एफआईआर पंजीकृत हुई थी। याची के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि याची निर्दोष है। उसे विद्वेषवश फंसाया गया है। कोर्ट ने परिस्थितियों को देखते हुए याची की जमानत अर्जी खारिज कर दी।