घूरपुर/बारा।
तहसील क्षेत्र के दर्जनों गांव से प्रतिदिन हजारों लोगों का शहर आते हैं। लेकिन, आवागमन का कोई व्यवस्थित साधन नहीं है। यहां से कोई सरकारी बस चलती है न ही अन्य कोई सुविधा है।
सिटी बस की सुविधा नहीं होने से स्थानीय डग्गामार वाहन चालक इसका फायदा उठाते हैं। तिपहिया वाहन पांच सवारियों की क्षमता की जगह दस से बारह लोगों को बैठाते हैं। ऐसे वाहनों के कारण क्षेत्र में आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती है। बावजूद उसके इन पर कोई अंकुश नहीं लग पा रहा है।
इसी तरह बारा, जसरा, गौहनिया, घूरपुर चौराहे पर डग्गामार तिपहिया वाहन सवारियों की होड़ में हमेशा जाम लगाए रहते हैं। जिससे बाजार में आए दिन जाम की स्थिति बनी रहती है।
घूरपुर बाजार मंडल के अध्यक्ष संतोष मोदनवाल, अतुल मोदनवाल, शमशेर अहमद शेरु, विजय कुमार गुप्ता, बारा के आशीष केसरी आदि व्यापारियों ने कई बार घूरपुर थाने में आयोजित बैठकों में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया बावजूद इसके इस पर अंकुश नहीं लग पा रहा है।
सोमवार को गौहनिया से इरादतगंज जा रहा तिपहिया वाहन अधिक सवारी के कारण पलट गया। जिसमें जिसमें प्राथमिक विद्यालय पंवर में कार्यरत दो शिक्षिकाएं गंभीर रूप से घायल हो गई थी।
मामले में एसडीएम बारा संदीप तिवारी का कहना है कि ऐसे वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई को लेकर परिवहन विभाग को पत्राचार किया जाएगा।
नाबालिग के हाथ तिपहिया वाहनों की कमान
क्षेत्र में संचालित अधिकांश तिपहिया वाहनों की स्टेयरिंग नाबालिग के हाथ में होने से आए दिन दुर्घटना हो रही है। सवारियों को बैठाने की होड़ में नाबालिग चालक तेज गति से वाहन चलाते हैं।
छह माह पहले पांडर पेट्रोल पंप के समीप तिपहिया वाहन पलट गया था। इसमें कई लोग जख्मी भी हुए थे। क्षेत्रीय लोगों ने ऐसे वाहन और चालक के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।