खेत तैयार हैं, आलू की बुवाई का समय है, लेकिन डीएपी खाद के लिए किसानों को भटकना पड़ रहा है। खाद की किल्लत ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। साधन सहकारी समितियों के सचिवों की हड़ताल से संकट और गहरा गया है।
कहीं खाद लेने के लिए किसानों की कतारें लग रही हैं तो कहीं समितियों पर ताले लटके हैं। क्षेत्र के किसान कमलेश कुमार, राम लखन पटेल और राम अधार यादव का कहना है कि आलू की बुवाई के लिए खेत तैयार करने में किसान पहले ही मेहनत और पैसा लगा चुके हैं। अब समय पर डीएपी नहीं मिलने से उन्हें बुवाई पिछड़ने और फसल की पैदावार प्रभावित होने की चिंता सता रही है।70 दिन बाद पहुंची डीएपी, खाद लेने को उमड़े किसान
घियानगर स्थित इफको किसान सेवा केंद्र पर सोमवार को डीएपी की रैक पहुंचने की सूचना मिलते ही किसान जुटने लगे। सुबह से शाम तक केंद्र पर गहमागहमी बनी रही। केंद्र प्रभारी अमन सिंह ने बताया कि करीब 70 दिन बाद डीएपी की रैक आई है। सोमवार को लगभग 200 किसानों को कुल 500 बोरी खाद वितरित की गई।
फूलपुर की आठ समितियों में तीन पर खाद नहीं
फूलपुर क्षेत्र की आठ साधन सहकारी समितियों में कपसा, मैलहन, भुलई का पूरा, परासिनपुर, हेमापुर, तारडीह, अरवासीमय बहादुरगढ़ और चकरा अली उर्फ पूरे गोपाली शामिल हैं। सहायक विकास अधिकारी सहकारिता श्यामधर के अनुसार, इनमें से तीन समितियों को छोड़कर बाकी में खाद उपलब्ध है। जिन समितियों पर डीएपी नहीं है, वहां जल्द आपूर्ति होने की उम्मीद है।
सचिवों की हड़ताल से छह समितियों पर ताले
राज्य कर्मचारी का दर्जा दिए जाने समेत अन्य मांगों को लेकर साधन सहकारी समितियों के सचिव चार दिन से हड़ताल पर हैं। इसका असर सहसों विकासखंड में दिखाई दे रहा है। सहसों, बागी, भरपूर, अमरसापुर, खोदायपुर और बाबूगंज की साधन सहकारी समितियां बंद होने से किसानों को खाद नहीं मिल पा रही है। आलू की बुवाई के महत्वपूर्ण समय में समितियों पर ताले लटकने से किसानों की परेशानी बढ़ गई है। खाद लेने पहुंच रहे किसानों को निराश होकर लौटना पड़ रहा है।
फूलपुर क्षेत्र की आठ साधन सहकारी समितियों में से तीन को छोड़कर बाकी में खाद उपलब्ध है। जिन समितियों पर खाद नहीं है, वहां जल्द आपूर्ति होने की उम्मीद है।-श्यामधर, सहायक विकास अधिकारी सहकारिता फूलपुर।
सचिवों की हड़ताल से सहकारी समितियों में ताला
साधन सहकारी समितियों के सचिव अपनी कई मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। इससे समितियों में ताला लगा हुआ है और किसान परेशान हो रहे हैं। सचिवों की हड़ताल के कारण आलू की बुवाई के लिए डीएपी उर्वरक नहीं मिल पा रहा है। वे कई दिनों से समितियों को नहीं खोल रहे हैं। न ही उर्वरक की मांग कर रहे हैं और न ही उसकी बिक्री कर रहे हैं। साधन सहकारी समिति तेंदुआ कला के सचिव आलोक तिवारी ने बताया कि मांगें पूरी न होने तक हड़ताल जारी रहेगी। मेजा विकास खंड और उरुवा की सभी आठों समितियों में ताला लटका है। निबैया के किसान किशोरी लाल पटेल ने बताया कि डीएपी न मिलने से आलू की बुवाई प्रभावित हो रही है।
फूलपुर के इफको किसान सेवा केंद्र घियानगर पर डीएपी लेने के लिए कतार में खड़े किसान।