शीशगढ़। टैक्स कलेक्टर के कोरोना संक्रमित होने का फायदा उठाकर शातिरों ने 16 फर्जी जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिए। कोरोना को हराकर टैक्स कलेक्टर जब कार्यालय पहुंचे तो फर्जीवाड़ा पकड़ में आया। हालांकि नगर पंचायत अधिकारी आईडी हैक होने की बात कहकर फर्जी प्रमाण जारी होने की बात कह रहे हैं। ईओ ने मामले की शिकायत साइबर थाने में की है।
नगर पंचायत शीशगढ़ कार्यालय से 16 फर्जी जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिए गए। 5 से 11 सितंबर के बीच जारी किए गए ये प्रमाण पत्र ऐसे लोगों के हैं, जो नगर पंचायत की सीमा के बाहर रहते हैं, इनमें 15 जन्म प्रमाण पत्र तो एक महिला का मृत्यु प्रमाण पत्र है। मामला तब खुला जब नगर पंचायत के टैक्स कलेक्टर मुस्तफा अली ने कई दिनों बाद नए प्रमाण पत्र जारी करने के लिए अपना कंप्यूटर खोला।
उन्हें गड़बड़ी लगी तो उन्होंने प्रमाण पत्रों की सीरीज चेक की तब पता चला कि 259 से 273 तक की सीरीज के 16 प्रमाण पत्र फर्जी तरीके से नगर पंचायत की सीमा के बाहर रहने वाले लोगोें के जारी किए गए हैं। उन्होंने मामले की जानकारी अधिशासी अधिकारी नूरजहां को दी तो उन्होंने कंप्यूटर से डाटा डिलीट कराने के बाद शिकायत साइबर थाने में की। साइबर थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
फर्जीवाड़े में कार्यालय के ही कर्मचारियों का हाथ
सूत्रों के मुताबिक फर्जीवाड़े में कार्यालय के कर्मचारियों का ही हाथ है और उन्हें बचाने के लिए ही आईडी हैक होने का दावा किया जा रहा है। सूत्र बताते हैं कि जिस आईडी को हैक करके फर्जी प्रमाण पत्र जारी करने का दावा किया जा रहा है उस आईडी को कार्यालय के चार लोग इस्तेमाल करते हैं, इनमें प्राइवेट कर्मचारी भी हैं। इन्हीं में से किसी ने फर्जी प्रमाण पत्र जारी किए हैं।
नगर पंचायत कार्यालय का पासवर्ड और आईडी हैक करके जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र बनाए गए हैं। मामला संज्ञान में आने के बाद फर्जी प्रमाण पत्रों को डाटा डिलीट कराकर सूचना साइबर थाने में दी गई है। - नूरजहां, अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत शीशगढ़
नगर पंचायत शीशगढ़ में फर्जी प्रमाण पत्रा जारी होने की शिकायत ईओ ने की है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। - अनिल कुमार, प्रभारी साइबर थाना