इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से सस्ते गल्ले की दुकानों के वितरण घोटाले की एसटीएफ जांच की प्रगति रिपोर्ट तलब की है। कोर्ट ने सरकार से पूछा है कि 2018 से चल रही जांच अब तक क्यों पूरी नहीं हुई। जांच की स्थिति क्या है। इसकी जानकारी मांगी है। याचिका की सुनवाई 16 जून को होगी । यह आदेश मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर तथा न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा की खंडपीठ ने सहकारी सस्ता गल्ला विक्रेता यूनियन सरधना, मेरठ की जनहित याचिका पर दिया है। फर्जी आधार कार्ड पर राशन वितरण व स्टाक में धांधली की शिकायत की जांच राज्य सरकार ने एसटीएफ को सौंपी है। एसटीएफ इस बात की जांच कर रही है कि आधार कार्ड के सत्यापन में किस प्रकार से धांधली की गई, ताकि घोटाले का पर्दाफाश हो सके।
जनहित याचिका पर कोर्ट ने एसएसपी एसटीएफ लखनऊ को पांच दिसंबर 18 को जांच छह महीने में पूरी करने का निर्देश दिया है। कोई कार्रवाई नहीं की गई तो दुबारा यह याचिका दाखिल की गई है। राज्य सरकार की तरफ से अपर मुख्य स्थायी अधिवक्ता रामानंद पांडेय ने पहले दिए गए आदेश के पालन के बारे में जानकारी लेने के लिए समय मांगा है।