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Prayagraj: महाकुंभ में नाविक परिवार ने नाव चलाकर कमाए करोड़ों, जानें क्या बोले परिजन; सीएम ने कल की थी प्रशंसा

Wed, 05 Mar 2025 06:28 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

प्रयागराज महाकुंभ कई मायनों में खास रहा। सड़क पर दुकान लगाने से लेकर, लक्जरी टेंट लगाने, होटल, ढाबा चलाने वालों से लेकर नौका संचालन करने वालों की दुनिया बदल गई। कई परिवार तो मालामाल हो गए।
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नाव का संचालन करने वाले पिंटू माहरा को मिठाई खिलाती मां शुकलावती देवी। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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प्रयागराज महाकुंभ कई मायनों में खास रहा। सड़क पर दुकान लगाने से लेकर, लक्जरी टेंट लगाने, होटल, ढाबा चलाने वालों से लेकर नौका संचालन करने वालों की दुनिया बदल गई। कई परिवार तो मालामाल हो गए। उन्होंने सपने में भी नहीं सोचा था कि महाकुंभ में उनके पास इतनी दौलत आ जाएगी जिसकी उन्हें कल्पना भी नहीं है। ऐसा ही कारनामा हुआ है नैनी के अरैल में नौका संचालन करने वाले माहरा परिवार के साथ। एक सौ से अधिक नौकाओं का संचालन करने वाले पिंटू माहरा के परिवार ने महाकुंभ में करोड़ों रुपये अर्जित किए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने माहरा परिवार की आमदनी की बात सदन में बताई तो पिंटू माहरा के अरैल स्थित आवास पर मीडियाकर्मियों का तांता लग गया। बड़ी संख्या में लोग पिंटू से मिलने और उसको देखने के लिए पहुंच रहे हैं। 

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दिन रात कड़ी मेहनत के बाद मिली खुशियां
पिंटू माहरा की मां शुकलावती देवी ने बताया उनके बच्चों ने दिन रात की परवाह न करके कड़ी मेहनत की है, तब जाकर यह दिन देखने को मिला है। उनका बहुत बड़ा परिवार है। उनके पति के दो भाइयों के परिवार को मिलाकर कुनबे में करीब 100 लोग हैं। सभी ने कड़ी मेहनत की। नाव का संचालन करने के लिए स्टैंड नए पुल के पास बनाया गया था। उनके बच्चे भूख और प्यास की परवाह किए बिना श्रद्धालुओं की सेवा में लगे रहते थे। यह सब गंगा मैया का आशीर्वाद है।



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पिंटू माहरा अपने परिवार के साथ। - फोटो : अमर उजाला।
सीएम योगी ने की तारीफ तो लगने लगी भीड़
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में माहरा परिवार की सफलता की कहानी बताई। उन्होंने कहा कि सपा कहती थी कि नाविकों का शोषण हो रहा है, नाविकों की देखभाल नहीं की जा रही है। मैं एक नाविक परिवार की सक्सेज स्टोरी बता रहा हूं। ये एक नाविक परिवार है, जिसके पास 130 नौकाएं थीं। 45 दिनों की अवधि में इन लोगों ने 30 करोड़ रुपये की शुद्ध बचत की है। यानी एक नाव ने 45 दिनों में 23 लाख रुपये की बचत की है। प्रतिदिन की उनकी बचत देखेंगे तो एक नाव 50 से 52 हजार कमा रही थी।'
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नैनी के अरैल स्थित पिंटू माहरा का मकान। - फोटो : अमर उजाला।
परिवार में हैं एक सौ से अधिक नाव
नैनी के अरैल में रहने वाला यह माहरा परिवार एक सौ से अधिक नावों का संचालन करता है। इस माहरा खानदान में नाव चलवाना ही मुख्य कारोबार है। महाकुंभ के बाद इस परिवार में खुशी का माहौल है। दरअसल कुंभ में इतने ज्यादा श्रद्धालु आए, जिससे इनको पूरे 45 दिन काम मिला और एक भी दिन इनकी नाव खाली नहीं रही। इस परिवार में 100 से ज्यादा नाव हैं। सभी ने मिलकर 30 करोड़ की कमाई की है। 

माहरा परिवार में 500 से ज़्यादा सदस्य नाव चलवाने का ही करोबार करते हैं। इनकी सौ से ज्यादा नाव हैं और आसपास के इलाकों से भी इन लोगों ने नाव मंगवाकर चलवाईं। माहरा परिवार का कहना है कि निषादों के बारे में इससे पहले कभी किसी ने नहीं सोचा और इस सरकार में उन्हें सम्मान मिला और रोजगार भी मिला। इस कुंभ की कमाई वो कभी भुला नहीं सकते। शुकलावती बताती हैं कि कितनी कमाई हुई है इसकी गिनती अभी नहीं की जा सकी है, लेकिन कमाई छप्पर फाड़ के हुई है इतना जरूर कह सकते हैं। यह सब योगी-मोदी की अच्छी व्यवस्था और गंगा मइया के आशीर्वाद से संभव हुआ है।
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