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लॉकडाउन में ट्रेनों में पैदा हुए 16 बच्चे

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उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज समेत विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर अब तक 2.75 लाख से अधिक श्रमिक उतरे हैं। इस दौरान यात्रा कर रहीं 16 महिलाओं ने ट्रेन में ही बच्चे को जन्म दिया। इसमें से सर्वाधिक चार-चार किलकारियां प्रयागराज, आगरा एवं कानपुर आने वाली ट्रेनों में गूंजी। खास बात यह रही कि इन सभी महिलाओं को रेलवे की ओर से स्टेशनों पर ही उचित उपचार देने के साथ संबंधित जिले के महिला चिकित्सालय में भर्ती करवाया गया।
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प्रयागराज आने वाली ट्रेेेनों में 11 मई को दो, 21 मई एवं 23 मई को दो महिलाओं ने बच्चों को जन्म दिया। इसके अलावा कानपुर एवं आगरा आने वाली ट्रेनों में भी 4-4 किलकारियां गूंजीं। एनसीआर के मानिकपुर, उरई में एक-एक एवं झांसी में आने वाली ट्रेन में महिलाओं ने दो बच्चों का जन्म दिया। एनसीआर के सीपीआरओ अजीत कुमार सिंह ने बताया कि इन सभी महिलाओं को रेलवे स्टेशन पर चिकित्सकों द्वारा उपचार करने के बाद संबंधित महिला चिकित्सालय में भी भर्ती करवाया गया। वहीं दूसरी ओर बताया जा रहा है कि प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव ने रेलवे को पत्र लिखकर बताया है कि अब उन्हें अपने यात्रियों को लाने ले जाने के लिए श्रमिक स्पेेशल ट्रेन की जरूरत नहीं है, अगर जरूरत होगी तो 24 घंटे पहले ट्रेन की मांग कर ली जाएगी।
फिलहाल रोडवेज को अब श्रमिक स्पेशल ट्रेन के आने से बड़ी सहूलियत मिली है, क्योंकि रोडेवज द्वारा प्रयागराज में उतरने वाले श्रमिकों को उनके गंतव्य तक लगातार छोड़ा जा रहा है। हालांकि, दूसरे राज्य से प्रवासी श्रमिकों को लेकर आने वाली स्पेशल ट्रेनें श्रमिकों को लेकर प्रयागराज जंक्शन से जरूर गुजरेंगी। उन्होंने बताया कि दो जून से प्रयागराज स्टेशन पर किसी भी दूसरे राज्य से यूपी के कामगारों को लेकर श्रमिक स्पेशल ट्रेन की डिमांड नहीं की गई है।
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