केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की दसवीं और बारहवीं परीक्षा की आधी से अधिक उत्तर पुस्तिकाएं जांच ली गई हैं। कोरोना महामारी के चलते बोर्ड की ओर से पहली बार शिक्षकों को घर में ही मूल्यांकन कार्य करने की छूट दी गई है। सूत्रों का कहना है कि बची उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन 15 जून तक पूूरा कर लिया जाएगा। बोर्ड की ओर से लॉकडाउन से पहले 18 मार्च तक सीबीएसई दसवीं और बारहवीं की जो परीक्षाएं पूरी हो गई थीं, उनका मूल्यांकन तेजी से हो रहा है।
कोरोना के बढ़ते संक्रमण के मद्देनजर मूल्यांकन में पूरी सावधानी बरती जा रही है। बोर्ड की ओर से सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए घर पर मूल्यांकन के लिए कॉपी परीक्षकों को दी जा रही है। मूल्यांकन समय से पूरा हो इसके लिए असिस्टेंट और हेड एक्जामिनर को भी मूल्यांकन के लिए लगाया गया है। परीक्षकों को निश्चित संख्या में कॉपियां दी जा रही हैं। सीबीएसई ने कंटेनमेंट जोन में रहने वाले शिक्षकों को मूल्यांकन से अलग रखने का फैसला किया है। इस कारण से दूसरे शिक्षकों पर मूल्यांकन का भार पड़ रहा है।
सीबीएसई की ओर से लॉकडाउन से पहले जो परीक्षा संपन्न कराई गई है, उसका मूल्यांकन 15 जून तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है। बोर्ड के अधिकारियों की मानें तो जो परीक्षा 15 जुलाई तक होनी है, उसकी कॉपियों का मूल्यांकन जुलाई के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। सीबीएसई दसवीं और बारहवीं के परिणाम अगस्त के पहले सप्ताह में आ सकते हैं।