बाढ़ राहत केंद्रों में 197 लोगों ने ली शरण
गंगा-यमुना के जल स्तर में तेजी से बढ़ोतरी के कारण विस्थापितों की संख्या भी बढ़ने लगी है। अब तक 45 परिवारों के 197 लोगों ने बाढ़ राहत केंद्रों में शरण ली है। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व विनीता सिंह के अनुसार, सदर तहसील के ऋषिकुल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में 18 परिवारों के 67 सदस्यों, करछना के प्राथमिक विद्यालय खपटिया में 12 परिवारों के 30 सदस्यों और मेजा के प्राथमिक विद्यालय कोना में 15 परिवारों के 100 सदस्यों ने शरण ली है।
जलस्तर के साथ लोगों की मुसीबतें भी बढ़ीं
गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी के साथ ही नदी के किनारे रहने वाले लोगों की मुसीबतें भी बढ़ गई हैं। दारागंज में दशाश्वमेध घाट के पास रहने वाली पार्वती और माया ने बताया कि हमारे घरों में पानी पहुंच रहा है। रहने का कहीं ठिकाना नहीं बन पाया है। किसी तरह सामान बचा रहे हैं। हम लोग हर दिन कमाकर भोजन का प्रबंध करते हैं। बाढ़ की वजह से पर्याप्त कमाई भी नहीं हो रही है। कभी-कभी कोई राहत सामग्री दे जाता है। वहीं, दशाश्वमेध घाट के नजदीक रहने वाले आकाश निषाद बताते हैं कि घर डूब चुका है। ज्यादातर सामान सुरक्षित जगहों पर पहुंचा चुके हैं। नाव की व्यवस्था हो जाए तो आने-जाने में सहूलियत होगी।