फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ट्रकों से अवैध वसूली मामला : वायरल ऑडियो की जांच जारी, बालू माफिया और कारखास की सुनाई पड़ रही आवाज

Sun, 26 Jun 2022 10:47 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

तीन दिन पहले प्रकरण से संबंधित दो ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। इसमें बातचीत करने वाल एक शख्स धूमनगंज थाने का कारखास जबकि दूसरा बालू माफिया बताया जा रहा है। बालू माफिया रुपये देने के बावजूद ट्रक रोके जाने पर कारखास दीवान से बातचीत करता सुनाई पड़ रहा है।
विज्ञापन
ऑडियो वायरल - फोटो : social media
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बालू लदे ट्रकों से अवैध वसूली से संबंधित ऑडियो वायरल होने के मामले में तीन दिन बाद भी कार्रवाई न होने से सवाल उठने लगे हैं। ऑडियो में प्रति ट्रक छह हजार रुपये की अवैध वसूली की बात सुनाई पड़ रही है। इसके बावजूद अब तक की कार्रवाई जांच तक ही सिमटी है। इस मामले में जिम्मेदारों की भूमिका की भी सवालों के घेरे में है। फिलहाल अफसरों का यही कहना है कि जांच की जा रही है।

विज्ञापन



तीन दिन पहले प्रकरण से संबंधित दो ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। इसमें बातचीत करने वाल एक शख्स धूमनगंज थाने का कारखास जबकि दूसरा बालू माफिया बताया जा रहा है। बालू माफिया रुपये देने के बावजूद ट्रक रोके जाने पर कारखास दीवान से बातचीत करता सुनाई पड़ रहा है। इस मामले में जिला पुलिस के अफसर कुछ बोलने से बचते रहे। मामला संज्ञान में आने पर एडीजी जोन ने दो दिन पहले आईजी रेंज को जांच सौंपी थी।


उधर इस मामले में जिम्मेदारों की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। जानकारों का कहना है कि इसकी भी जांच होनी चाहिए कि नाक के नीचे चल रहे खेल की जानकारी जिम्मेदारों को आखिर कैसे नहीं हुई। इस मामले में आईजी रेंज डॉ. राकेश सिंह का कहना है कि जांच पड़ताल चल रही है। पता लगाया जा रहा है किऑडियो कब का है। यह भी जानकारी जुटाई जा रही है कि बातचीत में शामिल दूसरा शख्स कौन  है।
विज्ञापन



पहले भी सामने आए हैं मामले
पुलिस की अवैध वसूली का यह जिले में पहला मामला नहीं है। कुछ दिनों पहले घूरपुर थाने में तैनात दरोगा बृजेश चौरसिया का एक ऑडियो वायरल हुआ था। जिसमें उसे निलंबित किया गया था। इसी थाना क्षेत्र का एक वीडियो इससे पहले भी वायरल हुआ था जिसमें सिपाही रुपये लेता नजर आया था। इसमें सिपाही के साथ चौकी प्रभारी ज्ञानेश कुमार भी लाइन हाजिर हुए थे। इसी तरह अपराधी के शरणदाताओं को थाने से छोड़ने के मामले में चार एसआई समेत आठ पुलिसकर्मी कुछ दिन पहले ही सस्पेंड किए गए थे। इस मामले में भी अवैध वसूली की आशंका अफसरों ने जताई थी। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें