भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (ट्रिपलआईटी) में चल रहे सातवें विज्ञान समागम के दूसरे दिन ट्यूरिंग अवार्डी एवं जाने माने कंप्यूटर विज्ञानी प्रो. जोसेफ सिफाकिस ने कहा कि बदलते प्रौद्योगिकी के दौर में हम सभ्यताओं एवं संस्कृतियों को एक-दूसरे के करीब लाने में सफल हो रहे हैं। कहा कि तकनीक का सही उपयोग करने के लिए हमें कंप्यूटर की नेटवर्किंग को ठीक करना होगा। उन्होंने इंटरनेट के जरिए विकास के नए आयाम हासिल करने की बात कही, उन्होंने जोर देकर कहा कि हम विज्ञान के जरिए अपने जीवन को उन्नत बना सकते हैं। इंटरनेट और सही नेटवर्किंग के जरिए हम दुर्घटनाओं को कम करने के साथ यातायात को भी नियंत्रित कर सकते हैं। उन्होंने इंटरनेट का उपयोग मानव सरोकारों के लिए करने की बात कही।
प्रो. सिफाकिस ने कहा कि नीति निर्धारण में हमें नेटवर्किंग कंपनियों की भूमिका बढ़ानी होगी। गूगल जो एक विशेष साफ्टवेयर तथा नेटवर्क तैयार करने वाली कंपनी के तौर पर जानी जाती है अब सभी आर्थिक क्षेत्रों में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि अच्छी कंप्यूटर डिवाइस के जरिए हम सड़क पर चल रही बाइक को नियंत्रित करने के साथ घर में चल रहे बिजली के उपकरणों को भी बंद और खोल सकते हैं। उन्होंने बताया कि इंटरनेट की मदद से हम वाशिंग मशीन में बंद पड़े कपड़े की धुलाई कर सकते हैं। ट्रिपलआईटी में चल रहे विज्ञान समागम में प्रो. सिफाकिस ने कहा कि सही नेटवर्किंग और डिवाइस के जरिए यातायात की सुविधा को दुर्घटना रहित बनाया जा सकेगा।
कंप्यूटर विज्ञानी प्रो. सिफाकिस ने बताया कि स्मार्ट गृह के माध्यम से ऊर्जा के उपयोग को नियंत्रित किया जा सकेगा। इसमें कम ऊर्जा में अधिक से अधिक लोगों को लाभ पहुंचाया जा सकेेगा। उन्होंने बताया कि इसी प्रकार टेलीहेल्थ के माध्यम से अस्वस्थता के अनेक लक्ष्य डॉक्टर तक पहुंचाए जा सकते हैं। सत्र का संचालन प्रो. जीसी नंदी ने किया। इसके साथ ही सत्र को संबोधित करने वालों में प्रो. लीना नीलसन, प्रो. जेवी नार्लीकर, कॉनीहारू टकाई शामिल रहे।