क्यूएस वर्ल्ड रैकिंग में संस्थान के शैक्षणिक, शोध आदि के आधार पर स्थान मिलता है। देश स्तर पर हुई रैकिंग में आईआईटी बांबे प्रथम स्थान पर है। उसके बाद आईआईटी कानपुर छठवें, आईआईटी बीएचयू 12वें, एनआईटी तिरुचिरापल्ली 19वें, बिट्स पिलानी 24वें और आईआईटी भुवनेश्वर 30 स्थान पर है।
क्यूएस वर्ल्ड (क्वाक्वेरेली साइमंड्स) यूनिवर्सिटी रैंकिंग-2025 में स्थान पाकर भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईआईटी) इलाहाबाद ने उपलब्धि हासिल की है। विश्व रैंकिंग में संस्थान का 1401वां और देश में 46वां स्थान मिला है। इस रैंकिंग में स्थान बनाने वाला देश का यह अकेला आईआईआईटी है। वहीं एमएनएनआईटी और इलाहाबाद विश्वविद्यालय स्थान भी नहीं बना पाए हैं।
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क्यूएस वर्ल्ड रैकिंग में संस्थान के शैक्षणिक, शोध आदि के आधार पर स्थान मिलता है। देश स्तर पर हुई रैकिंग में आईआईटी बांबे प्रथम स्थान पर है। उसके बाद आईआईटी कानपुर छठवें, आईआईटी बीएचयू 12वें, एनआईटी तिरुचिरापल्ली 19वें, बिट्स पिलानी 24वें और आईआईटी भुवनेश्वर 30 स्थान पर है। वहीं,आईआईआईटी इलाहाबाद 46वें स्थान पर है। मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनएनआईटी) और इलाहाबाद विश्वविद्यालय इस रैकिंग से बाहर हैं।
निदेशक प्रो.मुकुल शरद सुतावने ने रैंकिंग हासिल होने पर शिक्षकों को बधाई दी है। कहा कि इस रैकिंग से संस्थान की अंतरराष्ट्रीय पहचान बनी है। इससे यहां के विद्यार्थियों को विश्व स्तर पर शोध करने का मौका मिलेगा। कार्यवाहक कुलसचिव डॉ.सतीश कुमार सिंह ने भी विश्व रैंकिंग मिलने पर शिक्षण दल को शुभकामनाएं दीं। रैंकिंग संकाय प्रभारी डॉ.शिव राम दुबे ने कहा कि यह संस्थान की बड़ी उपलिब्ध है।