फाफामऊ के चंदापुर में पूर्व मंत्री अंसार अहमद का कोल्ड स्टोर ढहने के मामले में चल रही जांच में एक महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया है। इफको के विशेषज्ञों की टीम ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि हादसे के दौरान अमोनिया का टैंक नहीं फटा था। यह खुलासा इसलिए भी अहम है, क्योंकि घटना के बाद दर्ज कराई गई एफआईआर में टैंक फटने की आशंका जताई गई थी।
जांच कमेटी की अध्यक्ष और एडीएम (वित्त एवं राजस्व) विनीता सिंह ने बताया कि इफको के विशेषज्ञों ने घटनास्थल का बारीकी से अध्ययन किया। रिपोर्ट के अनुसार अमोनिया रिसाव हुआ था, लेकिन टैंक में विस्फोट नहीं हुआ था। गैस पाइपलाइन के जॉइंट्स पूरी तरह सुरक्षित पाए गए हैं। टैंक के ठीक बगल में स्थित जेनरेटर रूम को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। विशेषज्ञों का तर्क है कि यदि टैंक फटता तो जेनरेटर रूम पूरी तरह ध्वस्त हो जाता।
वहीं, दूसरी ओर हादसे के बाद सुरक्षा मानकों पर उठ रहे सवालों के बीच अग्निशमन विभाग ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। रिपोर्ट में पुष्टि की गई है कि कोल्ड स्टोर के पास विभाग का वैध अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) मौजूद था। यानी आग से बचाव के मानकों का कागजी तौर पर पालन किया गया था।
डीएम द्वारा गठित जांच कमेटी अब प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) की रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। निर्माणाधीन हिस्से की मजबूती और नक्शे के मानकों की जांच पीडीए द्वारा की जा रही है। एडीएम विनीता सिंह के मुताबिक, पीडीए की रिपोर्ट मिलते ही सभी तथ्यों का मिलान कर विस्तृत रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी जाएगी। बता दें कि पिछले सप्ताह हुए इस हादसे में चार लोगों की मौत हो गई थी, जबकि एक दर्जन से ज्यादा लोग घायल हुए थे।