जिले के अधिकांश लोग आयुष्मान कार्ड बनाने के चक्कर में नियमों को ताक पर रख देते हैं। जल्दबाजी के चक्कर में फंसकर वह कभी-कभी फर्जी तरीके से आयुष्मान कार्ड बनवा लेते हैं।
लेकिन, इलाज के दौरान उनकी हेराफेरी पकड़ी जाती है और वह योजना का लाभ पाने से वंचित रह जाते हैं। फिर उनकी न तो दवाई होती है न ही इलाज। उन्हें फिर मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय के आयुष्मान विभाग के चक्कर लगाने पड़ते हैं। इस प्रकार के रोजाना दो से तीन मामले विभाग में आ रहे हैं।
सरकार ने जरूरतमंद लोगों को योजनाओं का लाभ देने के लिए पात्रता निर्धारित की है। लेकिन कई अपात्र गलत तरीके से योजना का लाभ उठाने की कोशिश करते हैं और जालसाजों के फेर में फंसकर फर्जी आयुष्मान कार्ड बनवा लेते हैं।
ऐसे में जब उपचार का समय आता है, कार्ड काम नहीं करता और उन्हें दोहरी मार झेलनी पड़ती है। प्रयागराज के आयुष्मान नोडल अधिकारी डॉ. राजेश सिंह ने कहा कि सरकार की तरफ से तय की गई पात्रता के आधार पर बनाया गया आयुष्मान कार्ड ही मान्य होता है।
क्या है पात्रता
1-आयुष्मान भारत योजना के तहत 2011 की जनगणना में सूचीबद्ध परिवारों को प्राथमिकता दी जाती है।
2-बीपीएल कार्ड धारक हो।
3-भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक।
4-आयुष्मान कार्ड के लिए कोई विशेष आयु सीमा नहीं है, लेकिन 70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को अतिरिक्त लाभ मिलता है।
5- योजना मुख्य रूप से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए है।
6- दिसंबर 2018 के पहले जिन अंत्योदय कार्ड धारकों के परिजनों की संख्या छह सदस्य या फिर उससे अधिक हो वह पात्र हैं।
7-अंत्योदय कार्ड संशोधित न किया गया हो।
8-अंत्योदय कार्ड नंबर आयुष्मान की साइड पर खुलना चाहिए।
बोले अफसर
गलत तरीके से फर्जी आयुष्मान न बनवाएं। इससे कोई लाभ नहीं मिलने वाला है। अगर कोई दिक्कत है तो टोल फ्री नंबर 14555 पर संपर्क करें। - डॉ. राजेश सिंह, नोडल, आयुष्मान भारत योजना, प्रयागराज।