If there was pressure, two lawsuits for writing in the same day
दबाव पड़ा तो एक साथ लिख दिए दो मुकदमे
कीडगंज के बाई का बाग में घर पर चढ़कर फायरिंग का मामला
एक दिन पहले हुई तोड़फोड़ की भी दर्ज की गई रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। कीडगंज का बाई का बाग में मकान के विवाद में घर पर चढ़कर फायरिंग के आरोपी दूसरे दिन भी नहीं पकड़े जा सके। उधर मामले में फजीहत होते देख कीडगंज पुलिस ने खेल किया। वादी पक्ष की ओर से एक ही दिन में दो मुकदमे लिख लिए। जिसमें फायरिंग के साथ ही दो दिन पहले हुई तोड़फोड़ का भी मामला शामिल है।
सरोज देवी पति के निधन के बाद दो बेटियों संग अपनी नानी के बाई का बाग स्थित मकान में रहती हैं। बृहस्पतिवार शाम एक्सयूवी गाड़ी पर लैस होकर पहुंचे लोगों ने असलहे से फायरिंग की थी। सरेआम कई राउंड गोलियां चलने से वहां सनसनी फैल गई थी। जानकारी पर अफसर भी पहुंचे जिस पर हड़कंप मच गया। महिला का कहना है कि उनका कुछ लोगों से मकान को लेकर विवाद चल रहा है। जिसका मुकदमा भी न्यायालय में चल रहा है। जबरन कब्जा करने की नीयत से ही कुछ लोग आए दिन उस पर दबाव बनाते हैं और उन्होंने ही फायरिंग की। दो दिन पहले भी इन्हीं लोगों ने घर में घुसकर तोड़फोड़ भी की थी। जिसकी शिकायत के बावजूद कीडगंज पुलिस ने रिपोर्ट नहीं दर्ज की थी। इससे पहले आरोपियों ने ही दहशत फैलाने के लिए बम भी पटके थे। अफसरों ने पूछताछ की तो कीडगंज थाने में तैनात पुलिसकर्मी बगले झांकने लगे। जिसके बाद आननफानन में पुलिस ने एक साथ दो मुकदमे दर्ज किए। इनमें से पहला मुकदमा फायरिंग की घटना से संबंधित है जबकि दूसरा मुकदमा घर में घुसकर तोड़फोड़, धमकाने व अन्य आरोपों में लिखा गया। अफसरों का कहना है कि वादी की शिकायत के आधार पर मुकदमे लिखे गए हैं।
रात में दबिश, घर पर नहीं मिला आरोपी
उधर फायरिंग के आरोपी होटल मालिक रंजन केसरवानी निवासी मुट्ठीगंज की तलाश में पुलिस रातभर छापेमारी करती रही लेकिन, उसका पता नहीं चला। रात दो बजे के करीब पुलिस कटघर स्थित उसके घर पहुंची लेकिन वह घर पर नहीं मिला। पुलिस का कहना है कि उसकी तलाश की जा रही है।