फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

High Court : पत्नी के पास अलग रहने के पर्याप्त कारण हैं तो गुजारा-भत्ता की हकदार, फेमिली कोर्ट के आदेश पर मुहर

Thu, 12 Mar 2026 03:56 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि पत्नी के पास अलग रहने के पर्याप्त कारण हैं तो वह गुजारा-भत्ता की हकदार है। इस टिप्पणी संग न्यायमूर्ति मदन पाल सिंह की एकल पीठ ने परिवार न्यायालय के आदेश को चुनौती देने वाली मनोज यादव की आपराधिक पुनरीक्षण याचिका खारिज कर दी।
विज्ञापन
अदालत। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि पत्नी के पास अलग रहने के पर्याप्त कारण हैं तो वह गुजारा-भत्ता की हकदार है। इस टिप्पणी संग न्यायमूर्ति मदन पाल सिंह की एकल पीठ ने परिवार न्यायालय के आदेश को चुनौती देने वाली मनोज यादव की आपराधिक पुनरीक्षण याचिका खारिज कर दी।
विज्ञापन


ललितपुर निवासी मनोज का कहना था कि पत्नी 2005 से बिना किसी कारण के उससे अलग रह रही है। उसने वैवाहिक दायित्वों का पालन नहीं किया। यह क्रूरता की श्रेणी में आता है। साथ ही पत्नी एक वकील है और उसकी मासिक आय 30 हजार रुपये है। इसलिए उसे गुजारा-भत्ता नहीं दिया जाना चाहिए। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद पाया कि पति और पत्नी के बीच लंबे समय से मुकदमेबाजी चल रही है, जिसमें दहेज उत्पीड़न का मामला भी शामिल है।

हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के निष्कर्षों का हवाला देते हुए कहा कि 2010 में ही यह निर्धारित हो गया था कि पत्नी के पास अलग रहने के ठोस कारण हैं। इसके अतिरिक्त पति ने 2016 में भरण-पोषण की राशि 3,000 रुपये से बढ़ाकर 8,000 रुपये करने के आदेश को समय रहते चुनौती नहीं दी थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें