कानपुर से जुड़ा है मामला
मामला कानपुर के गांधी नगर की एक दुकान से जुड़ा है। मकान मालिक बीएस एंटरप्राइजेज ने अपने काम के विस्तार के लिए किरायेदार श्याम पाल से दुकान मांगी थी। किरायेदार ने इस मांग को चुनौती देते हुए कहा कि मकान मालिक की जरूरत वास्तविक नहीं है। किराया प्राधिकरण और अपीलीय न्यायाधिकरण ने बेदखली का आदेश दिया। इसके खिलाफ किरायेदार ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
नए कानून का हवाला देते हुए हाईकोर्ट ने दोनों अदालतों के फैसलों पर अपनी मुहर लगा दी। हालांकि, मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए कोर्ट ने किरायेदार को दो दिसंबर तक दुकान खाली करने की मोहलत दी है। साथ ही दो हफ्ते में इस वादे के साथ हलफनामा मांगा है कि वह समय से दुकान खाली करेगा। इस दौरान दुकान के उपभोग के एवज में मकान मालिक को हर महीने दो हजार रुपये उपयोग शुल्क अदा करेगा।