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LPG Gas Crisis : गैस की कीमतों ने होटलों, रेस्टोरेंट के खाने में लगाया महंगाई का तड़का

Sat, 04 Apr 2026 05:16 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

संगमनगरी में बाहर खाना अब आम आदमी की जेब पर भारी पड़ने लगा है। बीते चार महीनों में कॉमर्शियल गैस सिलिंडर की कीमतों में हुई बेतहाशा बढ़ोतरी ने शहर के होटलों, रेस्टोरेंट और ढाबों के खाने में महंगाई का तड़का लगा दिया है।
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कॉमर्शियल सिलिंडर का दाम बढ़ने से होटल का खाना हुआ महंगा। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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संगमनगरी में बाहर खाना अब आम आदमी की जेब पर भारी पड़ने लगा है। बीते चार महीनों में कॉमर्शियल गैस सिलिंडर की कीमतों में हुई बेतहाशा बढ़ोतरी ने शहर के होटलों, रेस्टोरेंट और ढाबों के खाने में महंगाई का तड़का लगा दिया है। प्रयागराज में कॉमर्शियल सिलिंडर के दाम 2232 रुपये तक पहुंचने के बाद तमाम रेस्टोरेंट, ढाबों एवं होटलों के मेन्यू कार्ड में खाने-पीने की वस्तुओं की कीमतों में 10 फीसदी तक का इजाफा हो गया है।

 

बीते कुछ महीनों से गैस की कीमतों में लगातार उछाल देखने को मिल रहा है। आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले चार महीनों के भीतर ही कॉमर्शियल गैस सिलिंडर के दाम में 497 रुपये की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बुधवार को ही कॉमर्शियल सिलिंडर के दाम में 195 रुपये का इजाफा हुआ।

बड़े रेस्टोरेंट मालिकों का बिगड़ा बजट

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लगातार हो रही इस बढ़ोत्तरी ने छोटे ढाबा संचालकों से लेकर बड़े रेस्टोरेंट मालिकों तक का बजट बिगाड़ दिया है। सिविल लाइंस में रेस्टोरेंट चलाने वाले विशाल कनौजिया का कहना है कि सिलिंडर के दाम 2200 के पार चले गए हैं। इसके अलावा दाल, सरसों के तेल, रिफाइंड आदि के भी दाम बढ़े हैं। ऐसे में पुराने रेट पर खाना खिलाना अब घाटे का सौदा साबित हो रहा है।

होटल कारोबारी विजय वैश्य का कहना है कि गैस सिलिंडर ही सिरदर्द नहीं बना है, बल्कि किचन का अन्य सामान भी महंगा हो गया है। रिफाइंड और सरसों के तेल की कीमतों में बीते एक माह में तेजी आई है। अरहर एवं अन्य दालों के थोक व फुटकर दामों में उछाल आया है। ढुलाई महंगी होने के कारण हरी सब्जियों के दाम भी स्थिर नहीं हैं।

प्रयागराज होटल एवं रेस्टोरेंट वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह का कहना है कि हो सकता है कि कुछ होटलों या रेस्टोरेंट संचालकों ने खाने पीने की वस्तुओं के दाम बढ़ा दिए हों। कहा कि एसोसिएशन की ओर से अभी सिर्फ इतना ही कहा गया है कि इस कठिन समय में एकजुट होकर प्रशासन और गैस आपूर्ति से जुड़े विभागों का पूरा सहयोग किया जाए।

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आम आदमी की थाली से दूर हो रही रंगत

प्रयागराज में बड़ी संख्या में छात्र और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवा रहते हैं, जो मेस या ढाबों पर निर्भर हैं। खाने के दाम बढ़ने से उनकी मासिक बचत पर सीधा असर पड़ा है। ढाबा संचालकों का कहना है कि यदि कीमतों में और वृद्धि हुई तो उनके लिए व्यापार चलाना मुश्किल हो जाएगा। फिलहाल, शहर के अधिकांश रेस्टोरेंट एवं ढाबों ने नई रेट लिस्ट लागू कर दी है। टिफिन सर्विस पर भी इसका असर पड़ा है। 70 से 80 रुपये में मिलने वाली इस सेवा का दाम कुछ जगह 100 रुपये तक पहुंच गया है।

मेन्यू में यह बदला

डिश /आइटम पुराना औसत दाम (रुपये)             नया औसत दाम (रुपये)

सादी थाली             120-150                         140-170

स्पेशल थाली             250-300                         280-330

पनीर डिश             180-220                         200-250

तंदूरी रोटी             10-12                         15-18

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