महाकुंभ के प्रमुख स्नान पर्वों या अन्य तिथियों पर भीड़ बढ़ी तो श्रद्धालुओं को शहर में ही रोक लिया जाएगा। इसके लिए 80 ठहराव स्थल बनाए गए हैं। इनमें से खुसरोबाग में तो एक लाख लोगों के ठहरने की व्यवस्था है। पूर्व में 54 ठहराव स्थल बनाने की योजना थी, लेकिन महाकुंभ के दौरान 40 करोड़ से अधिक लोगों के आने की संभावना है। मौनी अमावस्या पर्व पर ही आठ से 10 करोड़ स्नानार्थियों के आने की उम्मीद है।
वहीं, वसंत पंचमी पर पांच से छह करोड़ लोग स्नान कर सकते हैं। इसे देखते हुए ठहराव स्थलों की संख्या भी बढ़ाकर 80 कर दी गई है। ताकि, भीड़ बढ़ने पर रेलवे स्टेशनों और महाकुंभ क्षेत्र में दबाव न बढ़े। ज्यादातर ठहराव स्थल रेलवे स्टेशनों के पास और महाकुंभ क्षेत्र मार्ग पर बनाए गए हैं। इनमें खुसरोबाग, एंग्लो बंगाली इंटर कॉलेज, जीजीआईसी, जीआईसी, चंद्रशेखर आजाद पार्क, डायट कार्यालय, केपी गर्ल्स इंटर कॉलेज, बिशप जॉनसेन स्कूल सिविल लाइंस व कलक्ट्रेट, इलाहाबाद विश्वविद्यालय के विज्ञान व कला संकाय, हिंदू छात्रवास, यूइंग क्रिश्चियन कॉलेज, जमुना क्रिश्चियन कॉलेज, सेंट एंथोनी आदि स्थल शामिल हैं।
इन आश्रय स्थलाें में पेयजल, शौचालय आदि की व्यवस्था भी की गई है। कई ठहराव स्थलों पर खाने की भी व्यवस्था की गई है। इसके लिए इस्कॉन समेत कई अन्य संस्थाओं की मदद ली गई है। उनकी ओर से भंडारे का आयोजन किया जाएगा।
खुसरोबाग में एक लाख लोगों के ठहरने की है व्यवस्था
खुसरोबाग ठहराव स्थल जंक्शन के पास है। ऐसे में यहां सबसे अधिक एक लाख स्नानार्थियाें के रुकने की व्यवस्था की गई है। इसके तहत पांच सेक्टर बनाए गए हैं। साथ ही इन्हें अलग-अलग रंग भी दिया गया है। सेक्टर एक लाल रंग का होगा और इसमें लखनऊ और वाराणसी मार्ग के स्नानार्थी रुकेंगे। नीले रंग के सेक्टर दो में पं. दीनदयाल उपाध्याय, पीले रंग के सेक्टर तीन में सतना, झांसी और हरे रंग के सेक्टर चार में कानपुर, दिल्ली मार्ग के स्नानार्थियों को रोका जाएगा। रिजर्व टिकट वाले स्नानार्थियों के लिए एक अन्य होल्डिंग एरिया बनाया गया है।