If the contractual drivers do not wear uniform, deduction from salary will be
- फोटो : CITY DESK
रोडवेज ड्राइवरों ने वर्दी न पहनी तो वेतन से होगी कटौती
0 लंबी दूरी की बसों में दो ड्राइवर न गए तो प्रभारी अधिकारी को किया जाएगा निलंबित
0 रोडवेज के नए एमडी राजशेखर ने सिविल लाइंस बस स्टेशन और वर्कशॉप का किया निरीक्षण
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। रोडवेज के ड्राइवरों को ड्यूटी के दौरान अनिवार्य रूप से वर्दी पहननी होगी। ऐसा न करने पर संबंधित ड्राइवर के वेतन से सौ रुपये की कटौती कर दी जाएगी। इसी तरह अगर यात्रा के दौरान कंडक्टर बस में फर्स्ट एड बॉक्स नहीं रखता तो उसके वेतन से भी सौ रुपये की कटौती की जाएगी। इसके अलावा संबंधित कंडक्टर पर डिर्पाटमेंटल इनक्वायरी भी की जा सकती है। यह बातें यूपी रोडवेज के नए एमडी राजशेखर ने बुधवार को सिविल लाइंस बस स्टेशन के निरीक्षण के दौरान कहीं।
एमडी का कार्यभार ग्रहण करने के बाद पहली बार प्रयागराज पहुंचे राजशेखर ने अफसरों को तमाम दिशा निर्देश दिए। पिछले दिनों यमुना एक्सप्रेस वे हुए बस हादसे के मद्देनजर उन्होंने कहा कि लंबी दूरी की बसों में अनिवार्य रूप से दो ड्राइवर जाएं। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि बसों में गति नियंत्रण उपकरण और वेहिकल ट्रैकिंग सिस्टम (वीटीएस) सुचारु रूप से काम कर रहे हैं या नहीं। ऐसा न होने पर संबंधित बस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी को सस्पेंड कर दिया जाएगा। बसों में ड्राइवरों और कंडक्टरों के लिए ‘क्या करें’ और ‘क्या न करें’ को डिस्प्ले किया जाए। उन्होंने वीटीएस और सार्वजनिक सूचना डिस्प्ले पैनल के खराब प्रदर्शन के लिए आईटीएमएस का कार्य करने वाले निजी फर्म के भुगतान से धनराशि की कटौती और कारण बताओ नोटिस देने को कहा।
50 फीसदी बसों में काम नहीं कर रहा वीटीसी
रोडवेज के प्रबंध निदेशक राजशेखर ने क्षेत्रीय प्रबंधक टीकेएस बिसेन, सिटी ट्रांसपोर्ट के निदेशक डा. हरिशचंद्र यादव आदि अफसरों के साथ सिविल लाइंस बस स्टेशन और राजापुर स्थित वर्कशॉप का निरीक्षण कर बैठक की। इस दौरान उन्होंने पाया कि प्रयागराज परिक्षेत्र की 599 बसों में से 50 फीसदी बसों में वेहिकल ट्रैकिंग सिस्टम (वीटीएस) काम नहीं कर रहा है। इस पर उन्होंने नाराजगी जताई। एमडी ने बसों में सफर कर रहे यात्रियों से भी बातचीत की। सिविल लाइंस बस स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ के हिसाब से एक और टॉयलेट ब्लॉक की जरूरत महसूस की। एमडी ने ड्राइवरों के स्वास्थ्य की जांच के बारे में भी पूछा। यहां उन्हें बताया कि 300 किमी से ज्यादा दूरी तय करने वाली बसों में अनिवार्य रूप से दो ड्राइवर की तैनाती रहती है। इस दौरान उन्होंने इंटेलीजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम के सेटअप और कार्य प्रगति की जांच की।