वाणिज्य कर विभाग में रजिस्टर्ड व्यापारियों के सामने अब नई समस्या खड़ी हो गई है। पहले तो बड़ी संख्या में व्यापारी अब तक जीएसटी में रजिस्ट्रेशन नहीं करा सके हैं, दूसरे जिन्होंने इसमें रुचि ली, उनमें से काफी व्यापारियों का रजिस्ट्रेशन इसलिए नहीं हो सका, क्योंकि विभाग की ओर से व्यापारियों के अपडेट किए गए पैन, पते, फर्म के नाम आदि सेंट्रल सरवर से जीएसटी को भेजने में गड़बड़ी हुई। अब इसकी वजह से उन व्यापारियों की परेशानी बढ़ गई, जो यह सोच कर बैठे थे कि उन्होंने अपने पैन, पते, फर्म के नाम आदि में संशोधन हो चुके हैं।
विभाग में बड़ी संख्या ऐसे व्यापारियों की हैं जिनके पैन गड़बड़ थे। ऐसे व्यापारी भी थे जिन्होंने फर्म का पता बदला, पार्टनर की संख्या कम-ज्यादा की। इस तरह के संशोधन होने के बाद व्यापारियों ने वाणिज्य कर विभाग में आवेदन किया ताकि स्थानीय स्तर पर उनके रिकार्ड दुरुस्त हो जाएं। विभाग ने व्यापारियों के प्रपत्रों में इस संबंध में आवश्यक संशोधन भी किया लेकिन जब व्यापारियों ने जीएसटी में रजिस्ट्रेशन के लिए साइट खोली और पैन नंबर सर्च किया तो पता चला कि संशोधन हुआ ही नहीं है।
इसकी वजह से काफी व्यापारी अब तक जीएसटी में रजिस्ट्रेशन नहीं करा सके और अब वह विभाग के चक्कर लगा रहे हैं लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नहीं है। एडीशनल कमिश्नर ग्रेट टू एलआर गुप्ता का कहना है कि जिन व्यापारियों ने संशोधन के संबंध में आवेदन किए थे, उसे ठीक कर मुख्यालय स्थित सेंट्रल सरवर को भेज दिया गया। वहीं से पूरा डाटा जीएसटी सरवर को भेजा जाता है। समस्या के समाधान के लिए मुख्यालय से संपर्क किया गया है।