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हॉस्टल परिसर में झाड़ियां शौचालयों के दरवाजे टूटे

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IERT Allahabad - फोटो : CITY DESK
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आईईआरटी में अव्यवस्था, प्राविधिक शिक्षामंत्री के औचक निरीक्षण में खुली पोल
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प्रयागराज। प्रदेश की प्राविधिक शिक्षामंत्री कमल रानी ने बृहस्पतिवार को आईईआरटी का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संस्थान में फैली गंदगी और अव्यवस्था देख नाराजगी जाहिर की। छात्रावासों की खराब हालत और शौचालयों की दुर्दशा पर शिक्षामंत्री ने निदेशक को फटकार भी लगाई। कहा, छात्राओं के शौचालय जनवरी तक हर हाल में दुरुस्त करके उन्हें सूचित करें।


देश ही नहीं एशिया के सबसे अच्छे पालीटेक्निक संस्थान के रूप में पहचान रखने वाला आईईआरटी इन दिनों आर्थिक तंगी और अव्यवस्था का शिकार है। संस्थान के भवनों की अर्से से रंगाई-पोताई नहीं हुई है। परिसर में गंदगी का अंबार है। छात्रावास के अधिकांश शौचालयों के दरवाजे टूटे हैं तो टाइल्स उखड़ी हुई हैं। यूरीनल भी टूट गए हैं। यहां तक छात्राओं के शौचालयों के खिड़की-दरवाजे भी क्षतिग्रस्त हैं। यह दुर्दशा देख मंत्री ने निदेशक को जनवरी तक शौचालय दुरुस्त कराने का निर्देश दिया। संस्थान के मुख्य परिसर का निरीक्षण करने के बाद मंत्री छात्रावास पहुंच गईं। वहां की जर्जर छत देखकर उन्होंने निदेशक से इसे ठीक कराने को कहा। छात्रों ने बताया कि पूरे परिसर में बड़ी-बड़ी घास उग जाने के चलते जंगल जैसे हालात हो गए हैं।
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डिग्री अनुभाग के कर्मचारियों नौकरी पर बताया संकट
आईईआरटी के डिग्री अनुभाग के कर्मचारियों ने प्राविधिक शिक्षा मंत्री से मिलकर संस्थान की ओर से लगातार सेवा समाप्त करने की धमकी देने का आरोप लगाया। कर्मचारियों का कहना है कि इतने लंबे अर्से से वे संस्थान में नौकरी कर रहे हैं, अब इस उम्र में निकाले जाने के बाद वे कहां जाएंगे। कर्मचारियों की बात सुनकर प्राविधिक शिक्षामंत्री ने कहा कि उनके साथ अन्याय नहीं होगा।
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मंडल के पालीटेक्निक कालेज के प्रधानाचार्यों के साथ बैठक
प्राविधिक शिक्षामंत्री कमल रानी ने मंडल के राजकीय/अनुदानित पालीटेक्निक कालेज के प्रधानाचार्यों के साथ सर्किट हाउस के सभागार में विभागीय समीक्षा बैठक की। उन्होंने पालीटेक्निक कालेज के प्रधानाचार्यों से उनकी संस्थाओं की समस्याओं की जानकारी ली। प्रधानाचार्यों से कहा कि उनके यहां जो परेशानी हो उसकी जानकारी दें, उसे दूर किया जाएगा। उन्होंने संस्थान में वाई-फाई व शिक्षण-प्रशिक्षण की स्थिति तथा छात्र-छात्राओं की औसत उपस्थिति की जानकारी लेने के साथ पिछले वर्ष की सेमेस्टर परीक्षा की जानकारी ली।
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