बर्फीली हवाओं ने बुधवार को अपना कहर जारी रखा। न्यूनतम पारा करीब 2 डिग्री लुढ़ककर 7 डिग्री पर आने से रात और सर्द हो गई। दिन में खिली धूप शीतलहर के प्रभाव से बेअसर रही। रात में छाया कोहरा दिन में छटा तो लेकिन शाम से ही धुंध छाई रही। माघ मेला क्षेत्र में ठंड से एक व्यक्ति की मौत हो गई। इसके साथ जिले में ठंड से अब तक 4 लोगों की मौत हो चुकी है।
गलन भरी ठंड के बीच सुबह कोहरा छटा तो हल्की धूप लोगों को राहत देने वाली साबित हुई। इस दौरान चल रही ठंडी बर्फीली हवाओं ने धूप का असर बेअसर कर दिया। मौसम विभाग के मुताबिक न्यूनतम पारा मंगलवार को 14 डिग्री मापा गया था लेकिन धूप के असर से यह बुधवार को 16.3 डिग्री सेल्सियस पहुंचा। वहीं न्यूनतम तापमान करीब दो डिग्री लुढ़ककर 7 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। मंगलवार को न्यूनतम तापमान 8.9 डिग्री सेल्सियस था। गंगा के मैदानी क्षेत्र में हवा की रफ्तार बदलने और नमी बढ़ने से ठंड असरदार रही।
मौसम विज्ञानियों के मुताबिक हिमालय और हिमाचल में हो रही बर्फबारी का असर यहां पड़ रहा है। बर्फीली पछुआ हवाएं लोगों को तीर की तरह चुभ रही हैं। मौसम में नमी का स्तर सौ फीसदी होने से धुंध और बादलों की आवाजाही कोहरे का कहर बढ़ा रही है। न्यूनतम आर्द्रता 100 से घटकर 82 पर आई लेकिन पारे के गिरने का इसपर कोई असर नहीं पड़ा। रात नौ बजे के बाद घनी आबादी वाले इलाकों को छोड़ दें तो कोहरा राह में बाधा बन रहा है। हाईवे पर वाहन चालकों को सुबह हेड लाइट या डिपर जलाकर चलना पड़ रहा है। बुधवार को संगमनगरी में हल्की धूप से राहत रही लेकिन शाम होते ही बर्फीली हवाएं कहर बरपाने लगीं। अब ठंड का जनजीवन पर असर पड़ रहा है। चौराहों या सार्वजनिक स्थानों पर जलाए गए अलाव के इर्दगिर्द लोगों को जमावड़ा रहा। मौसम विज्ञानी प्रोफेसर एसएस ओझा के मुताबिक घने कोहरे के साथ गलन से फिलहाल राहत के आसार नहीं हैं। पारा अभी और गिरेगा। बादलों को पुरवइया हवा का साथ मिला तो बूंदाबांदी भी हो सकती है।