कमरे के तापमान में संभरण से उपयोग सुरक्षित
वैज्ञानिक अब कमरे के तापमान में हाइड्रोजन के संभरण के लिए अगले चरण का शोध करेंगे। अधिक तापमान में संभरण पर विस्फोट का खतरा होता है। कमरे के तापमान में संभरण से हाइड्रोजन का उपयोग सुरक्षित होगा और इससे भोजन भी पकाया जा सकेगा। साथ ही वाहनों के ईंधन के रूप में इसका इस्तेमाल होगा और इससे बिजली का उत्पादन किया जा सकेगा। प्रो. टीपी यादव ने बताया कि सामान्य तौर पर 400 डिग्री तक के तापमान पर हाइड्रोजन का संभरण किया जाता है लेकिन अब मल्टी कंपोनेंट के इस्तेमाल से तैयार किए गए उत्प्रेरक से 100 डिग्री तक के तापमान पर संभरण संभव हो सका है।
नैनो पार्टिकल से कई गुना बढ़ी संभरण की क्षमता
शोध के दौरान कुछ ऐसे मैग्नीशियम आधारित हाइड्रोजन एनर्जी सिस्टम मिले जो बहुत ज्यादा हाइड्रोजन को स्टोर कर सकते हैं। हाई एंट्रॉपी एलॉय मल्टी कंपोनेंट में शामिल आयरन, कोबाल्ट, निकिल, कॉपर व क्रोमियम के नैनो पार्टिकल के इस्तेमाल से एक ऐसा उत्प्रेरक तैयार किया गया जो क्षमता से कई गुना अधिक हाइड्रोजन का संभरण कम तापमान पर कर सकता है।
काशीपुर में अपने शोध को साझा करेंगे प्रो. टीपी यादव
विश्व पृथ्वी दिवस पर प्रो. टीपी यादव को राधे हरि गवर्नमेंट पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज काशीपुर (उधमसिंह नगर) में व्याख्यान के लिए आमंत्रित किया गया है। प्रो. यादव बुधवार को वहां रिसर्च एंड डेवलपमेंट इन हाइड्रोजन एनर्जी : करेंट अप्लीकेशन पर व्याख्यान देंगे और अपने नवीनतम शोध को साझा करेंगे।