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24 दिन से दुबई में फंसा पति का शव, पत्नी का रो-रो कर बुरा हाल, पीएमओ से लगाई गुहार

Fri, 04 Jun 2021 11:17 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

  • पीएमओ-गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय को पत्र भेजकर पत्नी ने शव हस्तांतरण की लगाई लगाई गुहार
  • यूएई दूतावास से संपर्क न होने से परिवार की बढ़ीं मुश्किलें
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विस्तार
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प्रयागराज। दुबई में पति की मौत के 24 दिन बाद शव हस्तांतरित न होने से पत्नी और बच्चों का का बुरा हाल हो गया है। दुबई की कंपनी की ओर से प्रक्रिया पूरी कराने में अभी समय लगने की बात कही गई है। इससे परेशान पत्नी ने पीएमओ, गृह मंत्रालय के अलावा विदेश मंत्री एस जयशंकर को पत्र लिखकर शव हस्तांतरित कराने की गुहार लगाई है, ताकि अंतिम संस्कार किया जा सके।
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दुबई की पेरोरिएंट बिल्डिंग कांटैक्टिंग एलएलसी कंपनी में तैनात कोरांव के रामगढ़ निवासी रामचंद्र की पुत्री अरुणा सिंह के पति रमेश सिंह की बीते 12 मई को मौत हो गई। रमेश की मौत की खबर उसके सहयोगी ने फोन पर अरुणा को दी। अरुणा को बताया गया कि रात को बाथरूम जाते समय फिसल कर गिरने से उसके पति की मौत हो गई। इसे संयोग ही कहेंगे कि उस समय ईद की छुट्टी होने की वजह से कंपनी के प्रबंधक या किसी अन्य कर्मचारी से अरुणा की बात नहीं हो सकी। अलबत्ता उसे इतना बताया गया कि पुलिस ने शव अपने कब्जे में ले लिया है। दफ्तर खुलते ही यूएई दूतावास से शव हस्तांतरण की प्रक्रिया आरंभ कराई जाएगी। इसके बाद से लगातार अड़चनें आती रहीं और अरुणा के पति का शव हस्तांतरित नहीं हो सका। अब उसका यूएई दूतावास से भी संपर्क नहीं हो पा रहा है। 

अरुणा ने अमर उजाला को बताया कि दो जून को उसने दुबई की कंपनी के प्रबंधक से फोन पर बात की तो उन्होंने अभी 15 दिन का समय और लगने की बात कही है। प्रबंधक ने अरुणा को उसके पति के शव के साथ ही क्लेम भी दिलाने का भरोसा दिलाया है। इस बीच अरुणा ने पीएमओ, गृह मंत्रालय के अलावा विदेश मंत्री एस जयशंकर को भी शव हस्तांतरण के लिए पत्र भेजा है। अरुणा ने विदेश मंत्री को भेजे पत्र में कहा है कि शव न मिलने से उसके परिजन परेशान हैं। उसके पति ही घर में कमाने वाले अकेले सदस्य थे। उनकी मौत से परिवार के सामने रोजी रोटी का भी संकट खड़ा हो गया है। अरुणा ने विदेश मंत्रालय से आग्रह किया है कि उसे पति का शव दिलाया जाए, ताकि वह अंतिम दर्शन करने के साथ ही सनातनी परंपरा से अंतिम संस्कार करा सके।
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