आक्रोशित परिजनों ने पांच घंटे तक नहीं उठने दिया शव
इसके बाद निरंजना की हत्या कर दी गई और उसका शव फंदे से लटका दिया गया ताकि लोगों को लगे कि उसने आत्महत्या कर ली। सुबह निरंजना की मौत की खबर सुन उसके मायके वाले भी पहुंच गए। उन्होंने हत्या का आरोप लगाते हुए बवाल शुरू कर दिया। पुलिस पहुंच गई लेकिन मायके वालों ने पांच घंटे तक लाश नहीं उठने दिया।
उनकी मांग थी कि निरंजना के दोनों बेटों के नाम पहले जमीन की रजिस्ट्री की जाय। मौके पर पहुंचे सोरांव तहसीलदार ओम प्रकाश शुक्ला ने आक्रोशित लोगों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका। पिता की तहरीर पर पति मुकेश कुमार समेत ससुराल के पांच लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई।