हिम्मतगंज में नींव में पानी भरने से लटके चार मकानों को छह घंटे से अधिक चली कार्रवाई के बाद रविवार भोर में ध्वस्त कर दिया गया। जनसामान्य के लिए खतरा बने ये मकान भरभरा कर गिरे तो इलाके में धमाके की धमक और धूल का गुबार छा गया। इस काम में लगी दो जेसीबी मशीनें भी क्षतिग्रस्त हो गईं। कार्रवाई के बाद नगर निगम ने मलबा उठाने का काम भी शुरू कर दिया। देर रात तक 20 डंपर मलबा हटाया जा सका था।
सड़क चौड़ीकरण के लिए हिम्मतगंज में की जा रही खोदाई स्थानीय लोगों के लिए मुसीबत का सबब बनी रही। पाइप जोड़ने के लिए की गई गहरी खोदाई के दौरान पाइप फटा। वहां जलभराव हो गया। मकानों की नींव में पानी भरने से यहां चार मकान सड़क की तरफ झुक गए। नींव और दीवारों में दरार आने से खतरनाक स्थित में पहुंचे मकानों का तकनीकी मुआयना कराने के बाद प्रशासन ने ध्वस्तीकरण कराने का निर्णय लिया गया था। स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पोकलैंड मशीन चालकों के हाथ खड़ा करने से चार मंजिला मकानों को ध्वस्त करने के लिए लखनऊ से मशीन मंगाने की तैयारी थी। इस बीच सीएमपी डॉट पुल के पास आरयूबी के काम में लगी मशीन मिलने के कारण लखनऊ से एक्सपर्ट और मशीन मंगाने का निर्णय स्थगित कर दिया गया।
छावनी में तब्दील इलाके में एनडीआरएफ की तैनाती के बीच अफसरों ने शनिवार को दिनभर की कवायद के बाद रात में 11 बजे रेलवे की 300 टन क्षमता वाली क्रेन मौके पर मंगाई। प्रशासन, एडीए, नगर निगम, पीडब्ल्यूडी, रेलवे, सेतु निगम समेत अन्य विभागों के अफसर मौके पर डटे रहे। क्रेेन से हवा में लटके भवनों के छत पर हैमरिंग की गई। दो घंटे के बाद पानी की टंकी तोड़कर मशीन वापस हो चली गई। फिर एडीए के प्रवर्तन दल प्रभारी आलोक कुमार पांडेय ने मकानों की किनारे कटिंग कराई। इस काम में तीन से चार घंटे लगे।
भोर में करीब तीन बजे एक-एक मकान को जेसीबी से पुश (धक्का) दिलाया गया। मकानों से चरचराहट हुई तो जेसीबी पीछे ले जाए गए। इस बीच मकान तेज धमाके के साथ सड़क की ओर भरभरा गए। धूल का गुबार छंटने पर अन्य मकानों के साथ भी यहीं प्रक्रिया अपनाई गई। इस दौरान नगर निगम और एडीए की दोनों जेसीबी खराब हो गईं। सुबह करीब 5.30 बजे ऑपरेशन ध्वस्तीकरण पूरा किया गया।
चार बड़े मकानों को तोड़ने से सड़क पर मलबा बिखर गया। मलबा हटाने के लिए तुरंत बाद नगर निगम के कर्मचारी जुटे गए। देर रात तक 20 डंपर मलबा हटाया जा सका था। सड़क पर ईंटें और मलबा फैलने से रास्ता बाधित रहा। कार्रवाई के दौरान एडीए के अपर सचिव गुडाकेश शर्मा, ओएसडी आलोक पांडेय, जोनल अधिकारी सुशील कुमार चौबे, एडीए नगर निगम के इंजीनियर, एसपी सिटी बृजेश श्रीवास्तव, एडीएम सिटी अशोक कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट, सीओ और कई थानों की फोर्स के साथ पीएसी के
हिम्मतगंज इलाके में तीन दिन बिजली गुल रही। शनिवार को तो पूरे क्षेत्र में बिजली की लाइन काट दी गई थी। जहां मकान लटके थे वहां से तो तार भी काट कर हटा लिए गए थे। रविवार को पावर कारपोरेशन के अफसरों ने कई टीम लगाकर बिजली आपूर्ति बहाल कराई। जहां तार काटे गए थे, वहां केबल के सहारे बिजली कनेक्शन दिए गए। कुछ घरों को छोड़कर अधिकांश लोगों को कई दिन बाद ठीक से पानी भी मिला।