संगम तट पर आने वाले समय में जुहू-चौपाटी सरीखा नजारा मिल सकेगा। त्रिवेणी संगम के प्रति विश्व समुदाय की आस्था को पर्यटन से जोड़ने के लिए व्यापक योजना बनाई जा रही है। पर्यटन विभाग की कोशिश है कि संगम में डुबकी के बाद दर्शन-पूजन करने वाले तीर्थयात्री रेती पर सैर-सपाटे का भी लुत्फ उठा सकें। इसके लिए हॉट एयर बैलूनिंग और कमल सफारी की योजना तैयार की गई है।
कुंभ के बाद विश्व पटल पर छाए संगम की छटा बदलने वाली है। पर्यटकों, तीर्थयात्रियों को लुभाने के लिए पर्यटन विभाग अब टेंट कॉलोनी के साथ ही रेती पर ऊंट, घोड़ों की सवारी को भी बढ़ावा देने जा रहा है। माना जा रहा है कि इससे स्नान-पूजा केबाद तीर्थयात्री अपने परिजनों के साथ संगम की रेती पर कुछ वक्त गुजार भी सकेंगे। इसके लिए हॉट एयर बैलूनिंग और कैमल सफारी की योजना तैयारी की जा रही है। हॉट एयर बैलूनिंग से संगम का नजारा 200 से 250 फीट ऊंचाई से लोग ले सकेंगे।
पर्यटन निदेशालय की ओर से इस दिशा में पहल करने केसंकेत मिलने के बाद हॉट एयर बैलूनिंग व कैमल सफारी के लिए निजी कंपनियों से संपर्क साधा जा रहा है। अफसरों के मुताबिक संगम दर्शन के लिए प्रतिदिन आने वाले हजारों तीर्थयात्रियों को आकर्षित करने के लिए यह योजना वरदान साबित होगी। इससे पर्यटन विकास को गति के साथ ही मजबूत आधार भी मिलेगा। राजस्व में भी वृद्धि होगी। इन योजनाओं के संचालन के लिए अरैल में सेंटर बनाने की तैयारी की जा रही है। उप निदेशक पर्यटन दिनेश कुमार के मुताबिक संगम पर पर्यटन को गति देने पर शासन का जोर है। हॉट एयर बैलूनिंग और कैमल सफारी जैसी योजना पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए उपयोगी साबित हो सकती है। इस लिए इस दिशा में कदम बढ़ाया जा रहा है।
कुंभ के बाद संगम पर पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ठोस और स्थाई योजना पर काम शुरू हो गया है। वहां अब तीर्थयात्री और पर्यटक बैलून से उड़ान भरने का आनंद ले सकेंगे। साथ ही रेती पर ऊंटों की सवारी को भी बढ़ावा दिया जाएगा। दिनेश कुमार- उप निदेशक, पर्यटन।