संतों के साथ संगम स्नान करते गृहमंत्री अमित शाह।
- फोटो : अमर उजाला।
गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गंगा की गोद में उतरे तो आम श्रद्धालु बन गए। संतों ने उन पर संगम का जल उछाला और हंसी ठिठोली की। दिन में करीब साढ़े ग्यारह बजे बमरौली एयरपोर्ट पर उतरने के बाद गृहमंत्री मुख्यमंत्री के साथ अरैल पहुंचे। इस दौरान गृहमंत्री की पत्नी सोनल शाह, बेटे जय शाह और पुत्रवधु व पोतियां भी मौजूद रहीं। अरैल पर संतों ने गृहमंत्री का स्वागत किया। इसके बाद अरैल घाट से सभी लोगों ने क्रूज से संगम भ्रमण किया।
गृहमंत्री और मुख्यमंत्री ने प्रवासी पक्षियों को दाना भी खिलाया। इस दौरान गृहमंत्री ने मुख्यमंत्री और संतों संग महाकुंभ आयोजन पर विस्तार से चर्चा की। इसके बाद गृहमंत्री और मुख्यमंत्री ने संतों व मंत्रियों के साथ संगम स्नान किया। इसी क्रम में मुख्यमंत्री ने बाबा रामदेव के साथ अलग से भी डुबकी लगाई।
संगम में स्नान करते गृहमंत्री अमित शाह।
- फोटो : अमर उजाला।
गृहमंत्री ने पूरे परिवार के साथ वेदी पर बैठकर विशेष पूजन किया। स्नान और पूजन के दौरान मुख्यमंत्री व संतों के साथ गृहमंत्री भी भगवा परिधान में रहे। इसके बाद गृहमंत्री और मुख्यमंत्री ने अक्षयवट में दर्शन-पूजन किया। गृहमंत्री को हनुमान मंदिर में भी पूजन के लिए जाना था लेकिन श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए उनका यह कार्यक्रम स्थगित रहा।
इसके बाद गृहमंत्री और मुख्यमंत्री ने शंकराचार्य व अखाड़ों में संतों से भेंट की और प्रसाद ग्रहण किया। दोनों नेताओं ने इस दौरान महाकुंभ आयोजन की व्यवस्था पर भी चर्चा की। इसके बाद गृहमंत्री और मुख्यमंत्री बमरौली एयरपोर्ट पहुंचे।
इस दौरान जूना पीठाधीश्वर अवधेशानंद गिरि, निरंजनी पीठाधीश्वर कैलाशानंद, अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रवींद्र पुरी, महंत हरि गिरि, महंत प्रेम गिरि, बाबा रामदेव, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या, ब्रजेश पाठक, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी आदि मौजूद रहे।
संतों के साथ संगम स्नान करते गृहमंत्री अमित शाह।
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स्वामी रामदेव ने मुख्यमंत्री को कराया योगाभ्यास
संगम स्नान के दौरान स्वामी रामदेव और सतुआ बाबा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अलग से डुबकी लगवाई। बाबा रामदेव ने मुख्यमंत्री योगी का हाथ पकड़कर विशेष योग आसन ताड़ासन भी कराया।
संगम में डुबकी लगाने के बाद पत्नी के साथ मां गंगा की पूजा करते गृहमंत्री अमित शाह।
- फोटो : अमर उजाला।
कुंभ कलश किया भेंट
मुख्यमंत्री ने गृहमंत्री और उनके परिवार का स्वागत किया। साथ ही महाकुंभ के प्रतीक स्वरूप चांदी का कुंभ कलश भेंट किया।
संगम स्नान के बाद अक्षय वट की पूजा करते गृहमंत्री अमित शाह।
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बमरौली से वापस हुए सीएम, सतपाल महाराज से की मुलाकात
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गृहमंत्री को विदा करने के बाद बमरौली एयरपोर्ट से वापस हो गए और मेला क्षेत्र में आए सतपाल महाराज से मुलाकात की। बताया जा रहा है कि सतपाल महाराज सोमवार को ही मेले में आए। मुख्यमंत्री का उनसे पहले से मुलाकात का कार्यक्रम प्रस्तावित था, लेकिन गृहमंत्री के साथ वह सतपाल महाराज के शिविर में नहीं जा पाए। इसलिए गृहमंत्री को एयरपोर्ट पर छोड़ने के बाद करीब साढ़े सात बजे वह फिर वापस आए और सतपाल महाराज से मिलने पहुंचे।
अक्षयवट के दर्शन करने के उपरांत केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का अभिनंदन करते सेना के अधिकारी।
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सनातन संस्कृति की अविरल धारा का अद्वितीय प्रतीक है महाकुंभ : अमित शाह
गृहमंंत्री अमित शाह ने सोमवार को पूरे परिवार के साथ संगम में डुबकी लगाई और पूजा-अर्चना की। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और कई संत व मंत्री भी मौजूद रहे। गृहमंत्री महाकुंभ नगर में सात घंटे से अधिक समय तक रहे। वह करीब साढ़े ग्यारह बजे बमरौली एयरपोर्ट पर उतरे। इस दौरान उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके 45 दिनों तक चलने वाले इस पूरे आयोजन को एकता का महाकुंभ बताया। अमित शाह ने लिखा, महाकुंभ सनातन संस्कृति की अविरल धारा का अद्वितीय प्रतीक है। यह हमारे सनातन जीवन-दर्शन और समरसता पर आधारित अखंड परंपरा को दर्शाता है।गृहमंत्री ने लिखा, आज धर्म नगरी प्रयागराज में एकता और अखंडता के इस महापर्व में संगम स्नान करने और संतजनों का आशीर्वाद लेने के लिए उत्सुक हूं।
संतों से मुलाकात करते गृहमंत्री अमित शाह।
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संतों, श्रद्धालुओं को नहीं होगी किसी तरह की असुविधा
गृहमंत्री और मुख्यमंत्री ने शंकराचार्य के अलावा अखाड़ों में जाकर संतों से मुलाकात की। इसके अलावा अरैल में हेलिकॉप्टर से उतरने से लेकर अक्षयवट दर्शन तक गृहमंत्री के साथ संत मौजूद रहे। इस दौरान गृहमंत्री और मुख्यमंत्री ने संतों संग महाकुंभ आयोजन और इसकी व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा की। साथ ही सुझाव मांगे। गृहमंत्री ने मुख्यमंत्री से सुरक्षा के बाबत भी जानकारी ली। दोनों नेताओं ने संतों को आश्वस्त किया कि महाकुंभ में संतों एवं श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा नहीं होगी। इस बाबत उन्होंने अफसरों को भी निर्देश दिए।
रहा पारिवारिक कार्यक्रम
गृहमंत्री का महाकुंभ में आने का कार्यक्रम पूरी तरह से पारिवारिक रहा और गंगा स्नान, मंदिरों में दर्शन-पूजन, संतों के दर्शन तक ही सीमित रहा। उन्होंने बैठक नहीं की। वह मीडिया से भी दूर रहे। साथ ही राजनीतिक टिप्पणियों से भी परहेज किया।
साधु-संतों से मुलाकात करते केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह।
- फोटो : अमर उजाला।
जूना अखाड़ें में गृहमंत्री ने संतों के साथ किया भोजन
दुनिया के सबसे बड़े आध्यात्मिक आयोजन में देश के गृहमंत्री अमित शाह जूना अखाड़ा गए और संतों का आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि महाकुंभ भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं का एक महत्वपूर्ण केंद्र है, यह भारत की आध्यात्मिक धरोहर और धार्मिक आस्थाओं के सम्मान का उत्कृष्ट उदाहरण है।
आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद और स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि महाकुंभ, आध्यात्मिक उन्नति के साथ भारतीय संस्कृति और परंपराओं की शक्ति और महत्ता की उत्कृष्टता का सशक्त माध्यम है। वास्तव में एक राष्ट्र की शक्ति उसकी सांस्कृतिक धरोहर, धार्मिक विश्वासों और परंपराओं में निहित है।
उन्होंने कहा कि महाकुंभ भारत के स्वर्णिम इतिहास के सुनहरे पृष्ठ में से एक उत्कृष्ट अध्याय है। यह देश की समृद्ध संस्कृति का दिव्य महोत्सव है। कहा कि राष्ट्र है तो संस्कृति है, पर्व है और परंपरा है। आचार्य महामंडलेश्वर जूना अखाड़ा ने गृहमंत्री और पूज्य संतों को भोजन प्रसाद करवाया।