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दीवाली से पहले मौसम की होली, सर्दी ने की ठिठोली

Fri, 30 Oct 2015 01:30 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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इलाहाबाद ब्यूरो। दीवाली के पहले ही मौसम की होली से ठंड कुछ कदर बढ़ी कि लोगों को बक्सों में बंद गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ा। दिनभर बूंदा-बांदी व ठंडी हवा चलती रही। सड़कों पर दिखने वाले अधिकांश लोग गर्म कपड़ों में नजर आए। बारिश पारा भी धड़ाम हो गया और पिछले 48 घंटों में दिन के तापमान में 11.9 डिग्री सेंटीग्रेड दर्ज किया गया। आर्र्दता 97 फीसदी पर पहुंव गई ओर दिन रात के तापमान में महज तीन डिग्री का ही फासला रह गया।
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गुरुवार को अधिकतम तापमान 22 डिग्री और न्यूनतम 19.1 डिग्री दर्ज किया गया। कुल मिलाकर विशेषज्ञों की मानें तो यह मौसम श्वास रोगियों के लिए चेतावनी भरा है। अगर एहतियात न बरता तो बिस्तर पकड़ते देर न लगेगी।
गुरुवार को साइबेरिया से लौटते मानसून व पश्चिमी विक्षोभ ने पिछले चौबीस घंटे में मौसम की रूप-रेखा ही पलट दी। मौसम विभाग के आंकड़ाें पर नजर डालें तो पिछले 48 घंटे के भीतर दिन का पारा 11.9 डिग्री अचानक गिर गया।
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जबकि रात के तापमान में कोई खास अंतर नहीं आया है। अधिकतम और न्यूनतम तापमान के  बीच सिर्फ 3.1 डिग्री का अंतर रहा। पारे में गिरावट का जबरदस्त असर नमी पर भी पड़ा है। मौसम विभाग के मुताबिक बृहस्पतिवार को अधिकतम आर्र्दता 97 फीसदी और न्यूनतम आर्र्दता 82 फीसदी दर्ज की गई जो दो दिन पहले 34 फीसदी के आसपास थी। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक अधिकतम और न्यूनतम आर्द्रता के बेहद कम अंतर ने ठंडक बढ़ा दी है।

 दो दिन पूर्व जहां शहरी गर्मी, उमस से परेशान थे ,वहीं सड़कों पर तमाम ऐसे लोग दिखाई दिए जो दिन में स्वेटर पहनकर घूम रहे थे। बृहस्पतिवार को भी हल्की बूंदाबांदी रही। दिन भर आसमान में बादल छाए रहे, दोपहर बाद मानसून व पश्चिमी विक्षोभ का असर कम होने से आसमान से बादल तो छंट गए लेकिन सर्दी का असर बरकरार रहा। विवि के सेंटर फार ओसीन साइंस के कोआर्डिनेटर डॉ. सुनीत द्विवेदी के मुताबिक ठंडक ने दस्तक दे दी है आने वाले दिनों में अब पारे में गिरावट ही होगी।

मौसम के बदले मिजाज ने श्वास रोगियों की मुसीबत बढ़ा दी है। वातावरण में नमी अधिक होने से ऐसे रोगियों को परेशानी शुरू हो गई है। दमारोग विशेषज्ञ डॉ. आशीष टंडन के मुताबिक ओपीडी में ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ी है। बकौल डॉ. टंडन मौसम का जो मिजाज है उसमें मरीजों को कुछ एहतियात बरतने की जरूरत है। मसलन वह सुबह शाम स्वेटर समेत पर्याप्त कपड़े पहनकर रखें। जो मरीज अस्थमा की दवा ले रहे हैं उसे लेने में कतई लापरवाही न बरतें। कमरे की खिड़की व दरवाजे खोलकर रखें ताकि कमरे में पर्याप्त हवा मौजूद रहे।
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