बाजार में बहन की सरेआम पिटाई करने के चलते हिस्ट्रीशीटर बहनोई को बेरहमी से मौत के घाट उतारा गया था। बहन के गैर समुदाय के युवक से शादी करने के चलते पहले से ही परिवार के सदस्य खुद को अपमानित महसूस करते थे। घटना का खुलासा करते हुए पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
उदयपुर थाना क्षेत्र के बाबा का गांव में नहर किनारे दो अगस्त की सुबह एक युवक को रक्तरंजित शव मिला था। बाद में उसकी पहचान कुंभीआईमा के आदिल खान के रूप में हुई। मृतक हिस्ट्रीशीटर था और उसके खिलाफ कई आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। मामले में परिजनों की तहरीर पर कटरिया निवासी राजन सिंह, नवीन सिंह, खानीपुर निवासी विकास सिंह उर्फ विक्कू, कपिल सिंह व शिवभीख सिंह के खिलाफ नामजद केस दर्ज कराया गया है। हिस्ट्रीशीटर की हत्या के मामले में उदयपुर पुलिस ने आरोपी राजन सिंह व विकास सिंह उर्फ विक्कू को धर दबोचा। पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की तो राजन सिंह ने हत्या का राज खोल दिया। पुलिस के मुताबिक राजन सिंह की बहन रुबी सिंह को साथ भगाकर मृतक आदिल खान से वर्ष 2017 उससे शादी कर ली थी। गैर समुदाय के युवक से बहन की शादी होने से राजन समेत परिजन खुद का अपमानित महसूस करते थे।
सामाजिक मर्यादा के तार तार होने के बाद भी किसी तरह परिनज अपमान का घूंट पीकर बहन के लिए चुप रहे। इधर आदिल अपनी ससुराल भी आने जाने लगा था। राजन ने पुलिस को बताया कि बीती 28 जुलाई को आदिल ने उसकी बहन रूबी को अठेहा बाजार में सरेआम जमकर पीट दिया था। पहले से अपमानित महसूस कर रहे राजन को यह बात नागवार इतनी नागवार लगी कि उसने आदिल को मार डालने का प्लान बना डाला। पहली अगस्त देर शाम राजन सिंह ने दावत की बात कहते हुए आदिल को कटरिया स्थित अपने मुर्गी फार्म पर बुला लिया।
यहां उसने हिस्ट्रीशीटर आदिल को तमंचे से गोली मार दी और अपने चचेरे भाई पखनपुर निवासी आशीष सिंह व मुबारकपुर के मान सिंह की मदद से फावड़े से सिर पर कई वार कर मार डाला। घटना के बाद राजन ने अपने पिता अमर बहादुर व विकास सिंह विक्कू की मदद से शव को बाबा गांव में नहर किनारे फेेंक दिया। पुलिस ने आरोपी राजन सिंह की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त फावड़ा व तमंचा बरामद करने को दावा किया है। सीओ रमेशचंद्र ने बताया कि फरार आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार किया जाएगा।
झूठी कहानी से पुलिस की हुई किरकिरी, खुलासे पर सवाल
लालगंज। उदयपुर इलाके में हिस्ट्रीशीटर की हत्या को खुलासा कर पुलिस भले ही अपनी पीठ थपथपा रही है। लेकिन प्रभारी निरीक्षक गजानंद चौबे की झूठी कहानी से खुलासे पर ही सवाल खड़ा हो गया है। अब तक की छानबीन में आदिल खान की धारदार हथियार से हत्या करने की बात सामने आई। पुलिस भी मंगलवार तक धारदार हथियार से हत्या करने की बात कबूल करती रही। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी ऐसा कुछ नहीं आया, लेकिन बुधवार की रात पुलिस ने जा कहानी तैयार की। उसके मुताबिक आदिल के सिर में पहले राजन सिंह ने गोली मारी और बाद में उसके सिर पर फावड़े से वार किया।
पुलिस अपनी पीठ थपथपाते हुए झूठी कहानी बनाकर आरोपियों को इसी आधार पर जेल भेजा गया। पीएम रिपोर्ट में साफ लिखा गया है कि आदिल की हत्या धारदार हथियार से की गई थी। रिपोर्ट में गनशाट की आशंका भी नहीं जताई गई है। इसके बाद भी प्रभारी निरीक्षक हिस्ट्रीशीटर की हत्या में तमंचे से गोली मारने दावा कर रहे हैं। जाहिर है कि उनके द्वारा गढ़ी गई कहानी में कई पेंच रह गए।
हत्यारोपी विकास सिंह विक्कू को पुलिस ने घटना के दिन ही गिरफ्तार किया था, लेकिन उसकी गिरफ्तारी का दिन व जगह भी गलत दिखा दिया। उदयपुर पुलिस की झूूठी कहानी सामने आने पर विभाग की किरकिरी हो रही है। सीओ लालगंज रमेशचंद्र का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ में गोली मारने की बात आई है।
निर्दोष पाए जाने पर रूबी को हिरासत से छोड़ा
लालगंज। हिस्ट्रीशीटर आदिल खान की हत्या के बाद शक के आधार पर पुलिस ने उसकी पत्नी रूबी सिंह सिंह का हिरासत में लिया था। पहले उसको सांगीपुर थाने पर ले जाकर पूछताछ की गई। बाद में उसको उदयपुर थाने में ले जाया गया। कई दिनों की पूछताछ में रूबी की हत्याकांड में कोई भूमिका नहीं मिली तो आखिरकार पुलिस ने उसे बुधवार की देर रात छोड़ दिया।