पट्टी कोतवाली का हिस्ट्रीशीटर गांजा तस्कर लोहा यादव पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत एक साल तक जेल में निरुद्ध रहेगा। प्रशासन की संस्तुति पर उच्च न्यायालय की अनुमति के बाद शासन ने आदेश जारी किया है।
पट्टी कोतवाली का हिस्ट्रीशीटर गांजा तस्कर लोहा यादव पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत एक साल तक जेल में निरुद्ध रहेगा। प्रशासन की संस्तुति पर उच्च न्यायालय की अनुमति के बाद शासन ने आदेश जारी किया है। उस पर प्रदेश के कई जनपदों में 20 मुकदमे दर्ज हैं। मादक पदार्थों की तस्करी में वह कई बार जेल जा चुका है।
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पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर ने बताया कि पट्टी कोतवाली के लवेदा निवासी लोहा यादव मादक पदार्थों की तस्करी करने का गिरोह चलाता है। वह पट्टी कोतवाली का हिस्ट्रीशीटर है। उसे देल्हूपुर पुलिस व लखनऊ की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने 10 अप्रैल को 61 किलो गांजा के साथ पकड़कर जेल भेजा था। उसके ऊपर गांजा तस्करी, गिरोहबंदी, डकैती, लूट, चोरी जैसे गंभीर 24 मुकदमे जनपद के अलावा जौनपुर, गाजीपुर में दर्ज हैं। उस पर शिकंजा कसने के लिए शासन ने गृह विभाग को पत्र भेजा था।
इस प्रकरण को उत्तर प्रदेश सलाहकार परिषद निरुद्धियां ने उच्च न्यायालय, लखनऊ खंड पीठ के समक्ष रखा। उच्च न्यायालय ने भी गांजा तस्कर को जेल में रखने अनुमति दे दी। गृह विभाग की ओर से बुधवार को जारी आदेश में लोहा यादव को पीईटी एनडीपीएस एक्ट 1988 व धारा 9- ई के तहत एक अगस्त 2025 से एक वर्ष तक जेल में रखने का आदेश जारी किया गया है। इसके लिए जिला मजिस्ट्रेट व जेल अधीक्षक को पत्र भेजा गया है।
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इन क्षेत्रों में करता था मादक पदार्थों की सप्लाई
पुलिस के अनुसार लोहा यादव का कार्य क्षेत्र सुल्तानपुर, गाजीपुर, जौनपुर के अलावा जनपद के आसपुर देवसरा, पट्टी, देल्हूपुर, फतनपुर व प्रयागराज सीमा रहा है। संगठित गिरोह बनाकर गांजा तस्करी का काम महेन्द्र गौतम, अनिल गौतम व मनोज पाल के साथ निरंतर करता रहा। इससे क्षेत्र में नशाखोरी में वृद्धि और युवाओं का अपराध की ओर झुकाव बढ़ रहा था। लोहा यादव के बाहर रहने से युवाओं में नशाखोरी की प्रवृत्ति में वृद्धि होने की संभावना थी।