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हिंदुत्व भारत की आत्मा, सभ्यता और सांस्कृतिक चेतना का आधार है : राज बिहारी

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में फूलपुर नगर के केशव बस्ती स्थित हनुमान मंदिर परिसर में शिव सकल हिंदू सम्मेलन आयोजन समिति के तत्वावधान में विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह प्रांत कार्यवाह राज बिहारी ने कहा कि हिंदुत्व केवल एक धार्मिक विचार नहीं, बल्कि हजारों वर्षों से चली आ रही भारत की सभ्यता, संस्कृति और राष्ट्रीय चेतना का मूल आधार है।
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उन्होंने कहा कि भारत की पहचान उसकी सांस्कृतिक एकता से है और इस संस्कृति का संरक्षण हिंदू समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। कहा, देश को सशक्त, आत्मनिर्भर और विश्वगुरु बनाने के लिए समाज के सभी वर्गों को आपसी मतभेद भुलाकर एक मंच पर आना होगा। हिंदू समाज की एकता ही राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी ताकत है।
सम्मेलन में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। गायक कलाकार सुभाष ने देशभक्ति और सांस्कृतिक गीतों की प्रस्तुति देकर उपस्थित जनसमूह में ऊर्जा और राष्ट्रभाव का संचार किया। संचालन गौरीशंकर ने किया। इस अवसर पर सुरेंद्र गिरि महाराज, राहुल मिश्रा एवं रेनू बलबीर गिरी, सह विभाग कार्यवाह बेचन सिंह, उमाचरण, राहुल विश्वकर्मा, जिला सह प्रचार प्रमुख जिग्नेश, कमलेश, आशीष केसरी, सुरेश, शिवम उपस्थित रहे।
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वहीं, सहसों रामलीला परिसर में विहिप के महामंत्री राज नारायण सिंह ने कहा आज पूरा विश्व भारत को गर्व की निगाह से देख रहा है। विशिष्ट अतिथि महापौर गणेश केसरवानी ने कहा कि भारत की संस्कृति जीवित रहे। उसकी रक्षा करने के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना हुई है। संघ का एक-एक कार्यकर्ता अपने प्राणों का बलिदान देकर हमारे साथ खड़ा होता है।
कथा वाचक श्रेया ने कहा कि सनातनी कहने से हम सनातनी नहीं होते हैं। हम सब एक पिता की संतान हैं। हमें अपने कर्म को श्रेष्ठ बनाना है। कार्यक्रम के संजय हर्ष, कैलाश चंद केसरवानी, शिव कैलाश यादव, बद्री प्रसाद सिंह, अनिरुद्ध सिंह पटेल, आशीष केसरवानी, राजधर द्विवेदी, संदीप द्विवेदी, जयेश केशरवानी आदि लोग मौजूद रहे।
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