कोरांव। कोरांव में आयोजित विचार गोष्ठी। संवाद
कोरांव तहसील मुख्यालय के पास स्थित विश्वनाथ प्रसाद जूनियर हाई स्कूल परिसर में शनिवार को आधुनिक भारत में डॉ. बीआर आंबेडकर के विचारों की महत्ता विषय पर विचार गोष्ठी का आयोजन अपर शासकीय अधिवक्ता अनिल मिश्रा के संयोजन में हुआ।
मुख्य अतिथि इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति डॉ. गौतम चौधरी ने कहा कि डॉ. बीआर आंबेडकर किसी धर्म के खिलाफ नहीं थे। उन्होंने दलित मंदिर में प्रवेश करें इसके लिए आंदोलन किया। न्यायमूर्ति डॉ. गौतम चौधरी ने कहा कि हिंदू कोई धर्म नहीं, एक जीवन जीने की लाइफ स्टाइल है। राजनीति और धर्म दोनों अलग-अलग हैं। महिलाओं के अधिकार की लड़ाई भी आंबेडकर ने लड़ी थी।
नीरज त्रिपाठी ने कहा कि डॉ.आंबेडकर आधुनिक भारत के शिल्पकार हैं। इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य स्थायी अधिवक्ता एसपी गौड़ ने कहा कि बीआर अंबेडकर ने समाज में व्याप्त कुरीतियों से लड़कर सामाजिक समरसता कायम करने पर भी बल दिया था। कोरांव विधायक राजमणि कोल ने कहा कि समाज की विकृतियों को दूर करने के लिए यह गोष्ठी आयोजित है।
मौके पर नगर पंचायत कोरांव के अध्यक्ष ओमप्रकाश केसरी, नरसिंह कुमार केसरी उर्फ गोपाल जी, रामेश्वर प्रसाद द्विवेदी, अरुण कुमार चतुर्वेदी उर्फ पिंटू चौबे, हेमवती कुमार सिंह पटेल, अपर शासकीय अधिवक्ता सुरेश कुमार सिंह, संतरा देवी बिंद, राकेश शुक्ला व अपर शासकीय अधिवक्ता ज्ञान नारायण कनौजिया आदि मौजूद रहे।