प्रयागराज। हाईकोर्ट ने सिविल लाइंस के फुटपाथ से अवैध पार्किंग हटाने के लिए व्यापारियों को नगर निगम के साथ बैठक कर मामला हल करने का निर्देश दिया है। यदि ऐसा नहीं होता है तो व्यापारियों को अदालत में अर्जी देकर अपनी बात रखने की छूट दी है। सिविल लाइंस स्थित मल्टीस्टोरी पार्किंग में वाहन खड़े करने का आदेश देते हुए कोर्ट ने कहा कि लोग दुकानों तक जाने के लिए बैटरी रिक्शा का इस्तेमाल करें। कोर्ट ने व्यापार मंडल व नगर निगम को इस योजना को अमल में लाने का निर्देश दिया है। शहर से अतिक्रमण हटाने के बाद दोबारा अतिक्रमण न होने की जिम्मेदारी टास्क फोर्स व पुलिस को सौंपी है और नगर निगम को पूरी तरह से अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया है। एडवोकेट कमिश्नर चंदन शर्मा व शुभम द्विवेदी ने रिपोर्ट पेश की।
इसके अलावा हाईकोर्ट ने रोड साइड में हुए स्थाई अवैध निर्माण हटाने की शक्ति को लेकर नगर निगम और पीडीए में भ्रम की स्थिति को देखते हुए अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल से स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया है। नगर निगम अर्बन प्लानिंग व विकास प्राधिकरण में अपने अधिकारों को लेकर भ्रम के चलते इस मामले में कोर्ट ने आदेश फिलहाल के लिए टाल दिया है।
प्रयोग में आ चुके मास्कों के निस्तारण के लिए रखें कूड़ादान
कोर्ट ने कहा है कि कोरोना से बचाव के लिए मास्क पहनना जरूरी है। ऐसे में सभी व्यावसायिक स्थलों पर प्रयोग में आ चुके मास्क के सुरक्षित निस्तारण के लिए कूड़ादान रखा जाए, ताकि लोगों द्वारा फेंके गए मास्क नगर निगम इकट्ठा कर नष्ट कर सके। यूज मास्क प्रतिदिन इकट्ठा कर निस्तारित किए जाएं, जो व्यापारी इसका पालन न करें, उस पर निगम कार्रवाई करे।
वेंडिंग जोन अधिक बनाएं
कोर्ट ने प्रयागराज में टाउन वेंडिंग कमेटी को नगर निगम के साथ चर्चा कर अधिक वेंडिंग जोन तैयार करने तथा कमेटी के अनुमोदन के लिए विचाराधीन 29 वेंडिंग जोन को मंजूरी देकर उसके बाद तीन दिन में आवंटित करने का निर्देश दिया है और एक अक्तूबर को रिपोर्ट मांगी है। कोर्ट ने कमेटी को 15 दिन में नए वेंडिंग जोन चिह्नित कर 15 अक्तूबर को रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।
मरीज से दुर्व्यवहार की रिपोर्ट तलब
एसआरएन अस्पताल में कोरोना मरीज के साथ डॉक्टरों के दुर्व्यवहार का मुद्दा अधिवक्ता सुनील चौधरी ने उठाया। कहा गया कि डॉक्टरों ने मारपीट की तथा मरीज व उसकी मां के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। कोर्ट ने कहा है कि ऐसी शिकायतें आ रही हैं, जिनमें सीएमओ की भी भूमिका के आरोप लगाए जाते हैं। कोर्ट ने अपर महाधिवक्ता से जवाब मांगा है। अधिवक्ता शाहिद काजमी ने डॉक्टरों की अपनी इच्छा से संविदा पर कोरोना मरीजों की सेवा करने का मुद्दा उठाया। कोर्ट ने उनसे ऐसे डॉक्टरों की सूची मांगी है।