highcourt ordered bail on submitting fine in court to mother and brother in law in dowrt murder case
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दहेज हत्या के आरोपी सास व देवर की जमानत उन पर लगाए गए जुर्माने को जमा करने की शर्त पर मंजूर की है। कोर्ट ने कहा है कि जुर्माना जमा न करने पर जमानत स्वत: निरस्त हो जाएगी।
सत्र न्यायालय झांसी ने 10 साल की कैद व जुर्माने की सजा सुनाई है। जिसके खिलाफ अपील दाखिल की गई है। यह आदेश न्यायमूर्ति राजीव मिश्र ने रवि व सास देवी की सजा के खिलाफ आपराधिक अपील को सुनवाई के लिए स्वीकार करते हुए दिया है। अपील पर जमानत अर्जी दाखिल की गई थी।
कोर्ट ने राज्य सरकार को दो बार जवाब दाखिल करने का समय दिया किंतु जवाब दाखिल नहीं किया गया। जिस पर कोर्ट ने अर्जी की सुनवाई करते हुए आरोपी देवर व सास को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है।
रवि के भाई श्याम की शादी 24 फरवरी 12 को गुड़िया उर्फ ज्योति के साथ हुई थी। शादी के एक साल दो माह में ज्योति की जलने से मृत्यु हो गई। इसके बाद दहेज उत्पीड़न व हत्या के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई गई है। सत्र न्यायालय ने 10 साल की कैद व नौ हजार रुपये प्रत्येक पर जुर्माने की सजा सुनाई है।