तीन सगी बहनों पर तेजाब फेंकने के आरोपी को हाईकोर्ट ने नोटिस जारी किया है। आरोपी को दोषमुक्त करने के खिलाफ दाखिल अपील को सुनवाई हेतु स्वीकार करते हुए हाईकोर्ट ने एक आरोपी को अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है। पीड़ित लड़कियों के पिता ने सेशनकोर्ट इलाहाबाद के फैसले को अपील दाखिल कर चुनौती दी है। अपील पर न्यायमूर्ति एनए मुनीस और न्यायमूर्ति अनिल कुमार की पीठ सुनवाई कर रही है।
पीड़ित लड़कियों के पिता ने अपील में सेशन कोर्ट के 25 जनवरी 2019 के फैसले को चुनौती दी है। कहा गया कि कोर्ट ने सिर्फ तेजाब फेंकने के आरोपी नफीस अहमद को ही सजा सुनवाई है जबकि इस साजिश में शामिल रहे दो अभियुक्तों रमाकांत और पिंकी मिश्र के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य होने के बावजूद उनको दोषमुक्त कर दिया।
याची का कहना है कि नफीस ने तेजाब पिंकी मिश्र के कहने पर फेंका था। पिंकी और पीड़ित एक बहन के बीच रिश्ते थे। उसकी शादी दूसरे से हो जाने के कारण उसने इस वारदात को अंजाम दिया। तीसरे अभियुक्त रमाकांत की दुकान से तेज़ाब खरीदा गया था। कोर्ट ने रमाकांत के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य न पाते हुए उसके विरुद्ध अपील स्वीकार नहीं की मगर, पिंकी मिश्र के खिलाफ अपील स्वीकार करते हुए उसे नोटिस जारी किया है। मामले की सुनवाई अगस्त के अंतिम सप्ताह में होगी।
घटना पांच नवंबर 2016 की बहरिया थाने की है। पीड़ित लड़कियां सगी बहनें हैं। शाम को करीब साढ़े छह बजे वह खेत से घर लौट रही थीं तभी पल्सर बाइक सवार दो युवकों ने उन पर तेजाब से हमला कर दिया। इस हमले में तीनों बहनें गंभीर रूप से झुलस गईं।